Sunday, 10 September 2023

Article : G20 Summit : Showcasing सशक्त भारत

G20 Summit : Showcasing सशक्त भारत 


भारत में G20 summit 2023 का आखिरी दौर चल रहा है जो कि दिल्ली में आकर आज ख़त्म हो जाएगा।

G20 summit की अध्यक्षता करना, किसी भी देश के लिए गर्व की बात है। और इस साल वो मौका भारत को मिला। 

G20 में 19 देश (अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, चीन, फ्रांस, जर्मनी, भारत, इंडोनेशिया, इटली, जापान, कोरिया गणराज्य, मैक्सिको, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, तुर्किये, यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त राज्य अमेरिका) और यूरोपीय संघ शामिल हैं।

G20 summit में विदेशों से उनके राजा, राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, बड़े बड़े राजनेता, सत्ताधीश व उनके बड़े-बड़े अधिकारी, आदि... आते हैं। इसमें वैश्विक चुनौतियों के खिलाफ एक संगठन के रूप में काम करने का लक्ष्य रखा जाता है। साथ ही जिस देश में यह आयोजित किया जाता है, उसे अपने देश को विश्व से परिचित कराने का स्वर्ण अवसर मिलता है, जो भविष्य में देश के विकास के लिए सहायक होता है। 

भारत चाहता तो पूरा शिखर सम्मेलन दिल्ली में ही खत्म कर देता।

जब मेहमान और वो भी विशेष मेहमानों का आगमन हो तो, सभी चाहते हैं कि उनके सामने उनके घर की मान प्रतिष्ठा बढे, ऐसे में ख़ाली दिल्ली में पूरा आयोजन होने से केवल दिल्ली को चमका दिया जाता और वो ही पूरे देश का प्रतिनिधित्व कर देती...

पर नहीं, BJP सरकार की सोच थी कि जब हमारा देश विविधताओं का देश है तो सब सिर्फ दिल्ली में क्यों? फिर सम्मेलन का सम्पूर्ण क्रिया कलाप यदि विभिन्न शहरों में होगा तो सबको भारत की विविधता देखने को मिलेगी, साथ ही उस शहर विशेष का कायाकल्प भी हो जाएगा।

125 देश, भारत के 60 से अधिक शहरों में G20 summit का आयोजन उसमें 200 से अधिक बैठकें और दुनिया भर से आए एक लाख से अधिक delegates... G20 summit को भारत ने ऐसा आयोजन बना दिया, जिसमें विश्व का नए भारत से परिचय हुआ। 

जिन दिनों में जिस शहर ने प्रतिनिधित्व किया, उन दिनों में उस शहर की छटा ही निराली थी।

9 व 10 September को दिल्ली में आयोजन के साथ G20 summit अपनी भव्यता, दिव्यता को दिखाते हुए अपने सशक्त रूप का परिचय दे रहा है। इन दिनों दिल्ली का बहुत ही खूबसूरत रूप देखने को मिल रहा है।

इन दो दिनों के लिए दिल्ली के Pragati Maidan के पास के इलाकों में, बाकी सभी कार्य बंद कर दिए गए हैं, छुट्टी घोषित कर दी गई, साथ ही पुलिस और army को तैनात कर दिया गया है। 

कुछ लोग कहेंगे कि सब बंद करने और इतनी police और force को लगाने की क्या आवश्यकता थी?

अरे भाई, सुरक्षा व्यवस्था के लिए..

सुरक्षा व्यवस्था, इतनी क्यों?

तो आप को बता दें, पाकिस्तान और चीन को भारत की यह बड़ी उपलब्धि फूटी आंख नहीं सुहा रही है। वो कभी भी अपनी दुष्ट प्रवृत्ति दिखा सकते हैं। फिर विदेश से इतने बड़े-बड़े delegates आए हैं, उनकी सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी भारत के ऊपर ही है। जो भारत पूरी चौकस व्यवस्था के साथ निभा रहा है।

भारतीय संस्कृति में अतिथि देवो भव की परंपरा है, जिसका पूर्ण रूप से ध्यान रखा गया...

आप को बता दें कि 9 September को विशेष भोज में विभिन्न राज्यों की विशेषता वाले 400 से अधिक भोजन की variety थी। जिसमें authentic cuisine, street food, मोटे अनाज के स्वादिष्ट पकवान भी शामिल थे। सबसे बड़ी बात सारा खाना शुद्ध शाकाहारी था। 

खाना परोसने व खाना खाने के लिए सोने चांदी व पीतल के बर्तनों को रखा गया था। जिन्हें महीनों पहले से विशेष आयोजन के लिए बनाया जा रहा था। 

आप कहेंगे कि सोने चांदी के बर्तन क्यों? इतना खर्च क्यों?

तो जब भी मेहमान आते हैं तो हम भी तो उनके साथ सब अच्छा से अच्छा ही करते हैं ना... 

तो क्या हमारे देश को नहीं करना चाहिए? वो बर्तनों में खाना खा रहे हैं, उन्हें अपने साथ ले नहीं जा रहे हैं। पर खाना खाते समय उन्हें भारत के सम्पन्न और समृद्ध होने का अनुमान ज़रूर हुआ होगा। और यह तो आप सभी जानते हैं कि सभी सम्पन्न लोगों से ही जुड़ना चाहते हैं, कंगालों से नहीं...

सभी delegates भारत की मेहमान-नवाजी के कायल हो गए हैं, यह आयोजन digitally जितना strong नज़र आया, उतना ही सुरक्षा व्यवस्था व मेजबानी में भी... इसकी दिव्यता और भव्यता देखते ही बन रही है...

इस पूरे आयोजन में 990 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं... बहुत से लोग कहेंगे कि इतने रुपए किसी अन्य कार्यों में लगाए होते तो कुछ बड़ा कार्य हो जाता...

हो जाता, बिल्कुल हो जाता... 

पर आप को क्या लग रहा है, G20 summit की अध्यक्षता करना छोटी बात है? इतने देशों के प्रतिनिधियों का भारत में आना, उसकी सशक्तता को आंकना, उसमे भरोसा करना छोटी बात है? जब भरोसा करेंगे तो निवेश भी करेंगे... निवेश माने विकास, और रोजगार के अवसर...

दूसरी तरफ अगर यह छोटी बात है तो चीन और पाकिस्तान क्यों खार खाए बैठे हैं?

इस आयोजन के पीछे की एक एक क्रिया कलाप देश को विकास की ओर ले जाने की है। 60 शहरों में आयोजन, हस्तशिल्प कला को बढ़ावा, dinner में सभी राज्यों की cuisine शामिल करना, मोटे अनाज के स्वादिष्ट व्यंजन रखना, कृषि की विविधता और किसानों का विकास, UPI द्वारा ही सभी delegates अपने खर्चे का वहन कर रहे हैं, जिससे विदेशी मुद्रा भंडार में बढ़ोतरी, आदि... इसमें शामिल हैं..

करोड़ों की फिल्म बनाने और राजनेताओं के शौक पूरे करने में करोड़ों फूंकने के बनिस्पत G20 summit करके देश को सशक्त व समृद्ध बनाना हर दृष्टि से उचित है। जहां देश का मान सम्मान और संपन्नता हो, वो ही न्याय संगत है।

एक बार देश के नजरिए से सोचिए तो.., पहले इस तरह से नहीं होता था, इसलिए सोचना समझना थोड़ा मुश्किल है पर असंभव नहीं... सोच कर देखिए तो...

जय हिन्द जय भारत 🇮🇳

Saturday, 9 September 2023

Article : नई पीढ़ी का नया जोश

नई पीढ़ी का नया जोश 


अभी जन्माष्टमी पर्व को व्यतीत हुए दो दिन बीत चुके हैं। कल हमने अपने भतीजे से बात की, जो कि hostel में है।

हमने पूछा कि बेटा, एक बात बताओ, क्या जन्माष्टमी का व्रत रखा था?

उस का जवाब हाँ था...

हमने पूछा, तुमने व्रत कैसे रखा? Actually इस प्रश्न को पूछने की वजह यह थी कि बहुत से hostels में नवरात्र में तो व्रत के लिए खाने पीने की व्यवस्था होती है, लेकिन शिवरात्रि और जन्माष्टमी आदि के लिए कोई व्यवस्था नहीं होती है। 

ऐसे में बच्चों को व्रत रखना और कठिन हो जाता है। और कठिनाई एक और कारण से भी होती है कि engeneering colleges and hostels mostly outer क्षेत्र में होते हैं। जो कि बाजार से दूर होते हैं, उससे चीजों के मिलने की availablity कम हो जाती है।

ऐसे में भी अगर कोई भी लड़के या लड़कियां अपने धर्म, अपनी आस्था, श्रृद्धा और संस्कार को प्राथमिकता देते हुए व्रत रख रहे हैं तो वो सभी सराहनीय हैं। 

ऐसे में एक ऐसे बच्चे के बारे में जो पता चला, उसने दिल को छू लिया, सोचा उसे ही साझा किया जाए।

उस लड़के ने निर्जल व्रत रखा... वो बड़ी बात है.. 

लेकिन व्रत आप निर्जल रख रहें हैं, निराहार रख रहें हैं या फलाहार, यह पूर्णतः आपके शारीरिक सामर्थ्य पर निर्भर करता है। अतः उसे अपनी सामर्थ्य के अनुसार ही रखें...

अभी हम जो बताने जा रहे हैं, वो ज्यादा बड़ी और सराहनीय बात है। और वो बात यह है कि उसने अपने उन सभी दोस्तों को रात में अपने कमरे में बुलाया, जिन्होंने व्रत रखा था।

जब सब वहां पहुंचे तो उन्होंने देखा, उसने study table को clean कर के वहां, एक लाल कपड़ा बिछाकर उसमें भगवान श्रीकृष्ण जी की एक फोटो रखी थी। कलश व घी का दीपक भी रखा था।

कुछ फलों को काटकर उससे प्रसाद बनाया था सबसे बड़ी बात कि पंचामृत भी तैयार किया हुआ था। 

पंचामृत!... आप सोच रहे होंगे कि क्या उसे पता भी था कि पंचामृत को पांच अमृत रुपी चीजें, घी, दूध, दही, गंगा जल और शहद व पांच मेवा डालकर बनाया जाता है।

वो सब उसने मिलाया या कुछ छोड़ दिया? महत्वपूर्ण वो नहीं है, बड़ी बात यह है कि कान्हा जी को पंचामृत का भोग लगाया जाता है, यह उसकी भक्ति में शामिल था।

इतनी सारी तैयारियां देखकर सारे दोस्त बहुत खुश हो गये। घर से दूर रहकर, इस मनोरम दृश्य को वो बहुत ज्यादा miss कर रहे थे। यह सब देखकर, सभी लोग के चेहरे पर सुख की मुस्कान थी, क्योंकि यह था उनकी जिंदगी का अविस्मरणीय पल...

सभी ने मिलकर रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण जी का जन्म, भजन-पूजन इत्यादि किया। प्रसाद ग्रहण किया, पंचामृत लिया।

जब यह बात सारे दोस्तों ने अपने घर में बताई तो सबके मां-पापा ने उस लड़के को दिल से आशीर्वाद दिया, जिसने उनके लाडले बेटों को घर से दूर रहकर भी ईश्वरीय कृपा प्रदान कराई।

हमें भी बहुत खुशी हुई जानकर, और उसके कई कारण थे।

उन सभी बच्चों के लिए जिन्होंने व्रत रखा, पूजा आराधना की और भगवान का जन्म किया। बड़ा अच्छा लगा कि जिस पूजा पाठ आराधना को लोग outdated समझकर दूर हो रहे थे।

उसके महत्व को नई पीढ़ी समझ रही है और ना केवल समझ रही है बल्कि पूरे जोश, श्रद्धा, भक्ति और विश्वास से कर भी रही है।

धन्य हैं ऐसे बच्चे, उनके माता-पिता और उनके संस्कार...

जो अपनी धर्म और संस्कृति को बढ़ावा देते हुए आगे बढ़ते हैं उन्हें ही जीवन का आनंद पूर्ण रूप से मिलता है।

फिर भारतीय संस्कृति तो वैसे भी सर्वोच्च है, जिसे विदेशी भी सदियों से अपनाने की कोशिश कर रहे हैं।

फिर वो outdated कैसे हो गयी ? और उसे अपनाने और निर्वाह करने में कैसी शर्म?  कैसी झिझक? 

एक बार सोचिएगा ज़रूर....

शायद इस विवरण ने आपके दिल को भी छूआ हो...

जय श्री कृष्णा 🙏🏻

हे ईश्वर आपकी राह जो चले उन सभी पर अपनी कृपा दृष्टि बनाएं रखें 🙏🏻🙏🏻 

Thursday, 7 September 2023

Bhajan : आया आया है नंदलाला

भगवान श्री कृष्ण के जन्मोत्सव की हार्दिक शुभकामनाएं 💐

कान्हा, कन्हैया, गोविन्द, नंदलाला, मुरली वाला, गोपाला, अगिनत नाम पर हर रुप, हर अदा मनोहर और चाह सिर्फ एक कि श्री हरि के चरणों में स्थान मिल जाए🙏🏻🙏🏻 

आज का यह भजन प्रभू आपके श्री चरणों में समर्पित है 🙏🏻🙏🏻


आया आया है नंदलाला



नंदबाबा के घर में 

छाया उजाला-2


आया आया है नंदलाला -2 


मोहिनी मूरत सांवली सूरत- 2

कैसा है जादू डाला 


आया आया है नंदलाला -2  


मोहक हंसी से रीझें सबको -2

सबको बनाएं मतवाला 


आया आया है नंदलाला -2  


ठुमक ठुमक चलत कन्हैया -2

ऐसा है मुरली वाला 


आया आया है नंदलाला -2  


हर ओर यह शोर मचा है -2 

गोकुल धाम क्या खूब सजा है

दौड़े आए हैं गोपी ग्वाला


आया आया है नंदलाला


नंदबाबा के घर में 

छाया उजाला

आया आया है नंदलाला

आया आया है गोपाला 

आया आया है मुरली वाला


नंदबाबा के घर में 

छाया उजाला

आया आया है नंदलाला -2 



हाथी घोड़ा पालकी जय कन्हैया लाल की.... 

जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं 🙏🏻

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