Monday, 4 November 2019

Article : क्यों कम हो गए chocolaty hero

क्यों कम हो गए Chocolaty Hero


आज कल पुरुषों में moustache and beard का fashion इस कदर बढ़ गया है, कि chocolaty heroes का तो जैसे अभाव ही हो गया है। जिस ओर देखो, पुरुष मूछे - दाढ़ी बढ़ाए हुए ही दिखेंगे।
फिर चाहे आप फिल्मों में देखें या serials में, cricket में या अपने आसपास, दाढ़ी - मुंछों वालों की ही अधिकता बढ़ती जा रही है।

अब हम ठहरे लेखिका, तो हमारा ध्यान तो समाज में होने वाली हर छोटी बड़ी बात खींचती है।

तो सोचा, इसका कारण क्या है? बहुत सोचा तो इसी नतीजे पर पहुँचे, कि इसका कारण भी नारी ही है।

अब आप बोलेंगे, वो भला कैसे? पुरुषों की हर बात नारी पर ही ख़त्म नहीं होती है।

नहीं होती होगी जनाब, नाराज़ ना होइए।

पर ये तो है ही, जानना चाहेंगे कैसे?

तो देखिये,

नारियां, पुरुषों से कंधा मिलाते - मिलाते अब इतना आगे निकल गयी हैं, कि उन्होंने पुरुषों से अपनी पहचान और अस्तित्व ही मिला लिया है।

अब ना वो सिन्दूर लगाती हैं, ना चूड़ियाँ पहनती हैं, अब ना करती हैं सोलह - श्रृंगार, ना अब वो पहले सी जुल्फें लहराती हैं, ना आंचल संभालती है।

वो तो अब पुरुषों की मानिंद ही jeans - shirt पहनती हैं, shorts पहनती हैं, या यूँ कहें, वो सब पहनती हैं, जो पुरुष पहनते हैं। बाल भी उनके छोटे होने लगे हैं।

पुरुषों कों जब अपनी पहचान और अस्तित्व पर खतरा मँडराता नज़र आने लगा। तब वो विचार करने लगे, कि ऐसा क्या किया जाए? जिसकी समानता करने पर स्त्री दो बार सोचे जरूर।

फिर उन्हें सूझा, कि अगर दाढ़ी - मूछ रखी जाए, तो उसमें स्त्री समानता नहीं करना चाहेगी, और एक बार फिर वो अलग दिखने लगेंगे।

बस फिर क्या था, आ गया दाढ़ी - मूछों वालों का दौर। जिससे chocolaty hero का दौर हमेशा के लिए जाता जा रहा है।
पुरुषों का सोचना सत्य साबित हुआ, अब वे अलग दिखने लगे हैं।

पर कितने दिन के लिए! भगवान ही जाने?

क्योंकि नारी शक्ति को कम मत आंकिएगा, कब आपकी ये पहचान भी छिन जाए।

मेरी मानिए, तो अभी से इस बारे में भी सोचना शुरू कर दीजिये।

किस बारे में?

अरे अगली पहचान के बारे में!

तब तक के लिए राधे राधे...

Disclaimer : यह सिर्फ एक व्यंग है, किसी को चोट पहुंचाने का कोई इरादा नहीं है।

Friday, 1 November 2019

Kids Story : Advay the hero : Self-dependent


Advay the hero : Self-dependent

दिवाली का पाँच दिवसीय त्यौहार पूरा हो गया था। advay अपनी बस का इंतज़ार कर रहा था। तभी एक गरीब सी लड़की आई, उसके एक हाथ में बोतल और दूसरे हाथ में बोरी थी।

वो लड़की जले हुए दीयों से तेल निकाल कर बोतल में भर रही थी, साथ ही रुई व दिया बोरे में भरती जा रही थी। वहाँ कुछ जले हुए पटाखे भी पड़े थे, उन्हें वो एक पन्नी में भर रही थी।

Advay से रहा नहीं गया, वो उसके पास गया। उससे उसका नाम पूछा। लड़की बोली मेरा नाम सोनी है।

सोनी तुम यह क्यों कर रही है? वो बोली तेल को छान कर मेरी माँ, उससे सब्जी बनाएगी। तेल से भीगी रुई से चूल्हा जलाएगी। पता है ऐसी रुई से चूल्हा बहुत जल्दी जलता है।

अच्छा! पर तुम दिये और पटाखे क्यों उठा रही हो? Advay ने उत्सुकता से पूछा?

मेरी माँ दिये को तोड़कर और चिपकाकर बहुत ही सुन्दर सुन्दर घर सजाने वाले सामान बनती है, उसके लिए ही ले जा रही हूँ।

और पटाखे? वो.... वो, तो उनमें से कोई अगर जले नहीं होंगे, तो मैं उन्हें जलाकर खुश हो लूँगी।

सोनी सब सामान बीनती रही, advay की बस आ गयी, और वो school चला गया।

जब advay घर आया, तो उसने अपनी mumma से सोनी की सारी बात बताई, फिर पूछा, mumma क्या हमको दिये नहीं जलाने चाहिए, या पटाखे नहीं फोड़ने चाहिए? इसमें कितने पैसे बर्बाद हो गए। अगर हम ऐसा नहीं करते, तो वही पैसे हम सोनी को दे देते, तो उसे यूँ तेल, रुई दिया बीनना नहीं पड़ता।

माँ बोली, तुम खाना खा लो, फिर मैं बताऊँगी क्या करना चाहिए।

उस दिन advay ने बहुत जल्दी खाना finish कर लिया, अब बताइये माँ?

माँ बोली, त्यौहार मनाना कभी भी पैसे की बर्बादी नहीं है। दिये भी जलाने चाहिए, पटाखे भी चलाने चाहिए। क्योंकि त्यौहार ही जीवन में खुशियों के रंग भरते हैं।

किसी को भीख देकर या दान देकर आप उस को हमेशा के लिए खुश नहीं कर सकते हो, क्योंकि पैसा देने की एक limit होती है।

तब क्या करना चाहिए?

अब जो करने वाली बात है, वो यह है, कि आप उसे self-dependent बना दें। क्योंकि self-dependency ही खुश रहने की key है।

अच्छा, तो उसके लिए मैं क्या करूँ?

सोनी को कोई नहीं जानता, पर तुम्हें apartment और school में सब जानते हैं। तुम उसकी माँ के बनाए सामानों को बेचने में उसकी मदद कर दो, अगर सामान अच्छा होगा, तो सब खरीद लेंगे, और उसे पहचान भी लेंगे।

तब आगे से तुम नहीं जाओगे, तब भी उसके सामान बिक जाएंगे, क्योंकि सब उसे जानते होंगे, और उसके सामान को पसंद भी करने लगे होंगे।

Advay ने अगले दिन सोनी को mumma वाली बात बता दी, और कहा- तुम अपना सामान ले आना, मैं तुम्हें अपने साथ apartment और school ले जाऊंगा।

सोनी सब ले आई, सामान सच में बहुत सुन्दर थे, हाथों हाथ बिक गए, और बहुत लोगों ने और सामान के order भी कर दिये। अगले पाँच दिन तक सोनी अपना सामान बेचती रही। उसकी बहुत अच्छी आमदनी हो गयी। सब ने उसे आगे भी आते रहने को कहा।

सोनी advay के घर गयी, और बोली, advay मुझ गरीब पर तरस खाकर बहुत लोगों ने कई बार पैसे, मिठाई, खाना, तेल, पटाखे, खिलौने दिये, पर वो सब बस कुछ ही दिन चलते थे। पर तुमने माँ की दुकान चलवा कर हम लोगों को हमेशा के लिए गरीब बने रहने से बचा लिया।

अब मेरी माँ की दुकान चल निकली है, तो मुझे तेल, रुई, दिया, पटाखे नहीं बीनने पड़ेंगे।

Advay की मेहनत रंग लायी, आज सोनी self-dependent हो गयी थी।   

Thursday, 31 October 2019

Tip : Preserving Leafy Vegetables

The winters bring various leafy vegetables with them, like 
methi, soya, palak, sarson, bathua, etc.

The problem of their storage comes with these vegetables, as they get spoiled or dry up very quickly. 

On the request of some of my reader – who appreciated the tip on preserving coriander leaves  - I’m here with a tip for the storage of such leafy vegetables, that increase their shelf life by 3-5 days.

Preserving Leafy Vegetables


  1. Remember, that they should not be washed before storing. Wash them only before use
  2. Clean them.
  3. Chop them finely.
  4. Wrap them in a set of 3-4 newspaper sheets.
  5. After wrapping, store them in poly bags.
  6. Don't tie the mouth of the poly bag. This will allow air circulation.
  7. Now store it as usual.
  8. The leaves may wither(कुम्हला), but would neither rot, nor get dried up. Also, it's fragrance will remain for a longer period.
N.B.:

  • Do not keep 2  packets in a single polybag, else one may spoil another.
  • Change wrapping if storage crosses 3 days.
  • You can even store them without chopping.
  • Using this tip on fresh vegetables gives better results.
Wrapping them in paper will absorb excess water, this doesn’t allows them to rot down. While the paper will remain moist, not allowing it to dry up.
If you have been using kasuri methi in veggies give a try to fresh methi leaves and you will love it.