Monday, 30 November 2020

Poem : देव दीपावली व प्रकाश पर्व

 देव दीपावली व प्रकाश पर्व




देव दीपावली की,

महिमा अजब निराली।

काशी नगरी की इसमें,

छटा देखने वाली।।


दीप से दीप जले हैं ऐसे,

मानो चांद, जमीं पर आया।

रोशनी प्रज्वलित हुई है ऐसी,

तिमिर नहीं कहीं पर छाया।।


विष्णु जी ने मत्स्य रुप धर,

धरती को प्रलय से बचाया।

मत्स्यावतार के कारण ही,

जीवन का अस्तित्व रह पाया।।


त्रिपुरासुर का वध कर,

महादेव त्रिपुरारी कहलाए।

प्रसन्न हो देवता, काशी में,

 देव दीपावली मनाने आए।।


नानक जी के अमृत वचनों से,

जीवन सार समझ में आया।

पृथ्वी पर अवतरण उनका,

तभी, प्रकाश पर्व कहलाया।।


आइए दीप से दीप जलाकर,

हम देव दीपावली मनाएं।

नानक जी के वचनों से,

जीवन में प्रकाश लाएं।।


आप सभी को देव दीपावली व प्रकाश पर्व की हार्दिक शुभकामनाएँ 🙏🏻💐🕉️

Saturday, 28 November 2020

Article : Cholesterol

 Cholesterol


आज-कल cholesterol बढ़ना एक आम समस्या हो गई है। Cholesterol का खतरा ऐसी मुसीबत बन चुका है कि युवा, अधेड़ उम्र के लोग और बुजुर्ग सभी को चौंकन्ना रहने की ज़रूरत है।

पर आप को पता है? cholesterol का हमारी body में special role है। तो पहले यह समझते हैं कि cholesterol क्या है।

 

What is Cholesterol?

 

Cholesterol, एक lipid (fat-like substance) होता है, जो हमारे blood & cells में पाया जाता है। Cholesterol एक 27-carbon compound है, जिसका एक unique structure होता है। उसकी एक hydrocarbon tail होती है। उसका central sterol nucleus four hydrocarbon rings और hydroxyl group से बना होता है।

यह cell membranes, steroid hormones, Vitamin D और bile acids के formation में help करता है। साथ ही यह joints को भी lubricated रखने में मदद करता है, जिससे वहां की हड्डियों पर movement होने से बुरा असर नहीं पड़ता है। इसके बढ़ जाने से आपके शरीर को नुकसान होने लगता है।

Cholesterol के बढ़ने से Circulation related diseases जैसे कि heart attack, stroke, blood pressure, etc. का खतरा बढ़ जाता है।

 

Type of cholesterols

 

Cholesterol दो तरह के होते हैैं -

  1. Low density lipoprotein (LDL) or bad cholesterol or harmful cholesterol, में Mono-Unsaturated Fatty Acids (MUFA) पाए जाते हैं। यह arteries (oxygen-rich खून के प्रवाह की नलियां) में जमा हो कर blockage कर देता है। इससे dangerous diseases होने का खतरा बढ़ जाता है ।
  2. High density lipoprotein (HDL) or good cholesterol में Poly-Unsaturated Fatty Acids (PUFA) पाए जाते हैं। HDL हमारी पूरी body से LDL को liver के पास ले जाने का काम करता है; जिससे LDL को हमारी body से बाहर निकला जा सकेे।
  3. Very Low Density Lipoprotein (VLDL) सेहत के लिए सबसे हानिकारक होता है।
  4. Triglycerides हमारे शरीर में सबसे ज्यादा मात्रा में पाया जाता है। इसकी मात्रा बढ़ने से heart related diseases होने की probability बढ़ जाती है, especially महिलाओं में।

Trans fat = LDL + VLDL. अतः यह शरीर के लिए बहुत हानिकारक होता है।

 

Hazardous condition

 


बहुत अधिक मात्रा में ऐसा भोजन लेने से, जिसमें LDL की मात्रा अधिक हो, शरीर में bad cholesterol बढ़ने लगता है। इसे high cholesterol कहते हैं। अगर शरीर में LDL बहुत अधिक है और HDL बहुत कम, तो arteries में cholesterol जमा होने लगता है। इससे खून के प्रवाह के लिए जगह कम हो जाती है। इससे शरीर में blood flow ठीक से नहीं होता। इससे heart में समस्या पैदा हो जाती है। यह जानलेवा भी हो सकती हैं।

 

Healthy Cholesterol levels

 

20 साल से छोटे लोगों के लिए:

  • Body में total cholesterol level 170mg/dL से कम होना चाहिए।
  • LDL यानी bad cholesterol 100 mg/dL से कम होना चाहिए।
  • Trans fat की मात्रा 120mg/dL से कम होनी चाहिए।
  • HDL 45mg/dL से अधिक होना चाहिए।

 

20 साल और बड़े लोगों के लिए:

  • Body में total cholesterol level 125mg/dL और 200 mg/dL के बीच होना चाहिए।
  • LDL यानी bad cholesterol 100 mg/dL से कम होना चाहिए।
  • Trans fat की मात्रा 130mg/dL से कम होनी चाहिए।
  • HDL महिलाओं में 50mg/dL और पुरुषों में 40mg/dL से अधिक होना चाहिए।
  • Triglycerides 150 mg/dL से कम होना बेहतर है।

 

Symptoms of high cholesterol

 

High cholesterol के खुद के कोई लक्षण नहीं होते। अधिकतर case में यह अचानक सामने आता है। यह blood pressure, heart attack, stroke, etc. के रूप में सामने आता है।

Cholesterol आपके शरीर में बढ़ता रहता है, arteries छोटी होती रहती हैं और खून का प्रवाह ठीक से नहीं हो पाता है।

कुछ विशेष लक्षण नहीं होते हैं, फिर भी यह लक्षण हों तो आप सोच सकते हैं कि cholesterol check करा लें।

 

1. आंखों के पास चकत्ते (swollen patches) दिखाई देना।

2. Pale skin - यह high cholesterol का प्रमुख लक्षण है, जिसमें व्यक्ति की त्वचा पीली पड़ जाती है।

कुछ लोगों को यह jaundice का संकेत लग सकता है, लेकिन उन्हें किसी भी नतीजे पर पहुंचने से पहले डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

3. Chest pain - अगर किसी व्यक्ति के सीने में दर्द रहता है, तो उसे, इसे नज़रअदाज़ नहीं करना चाहिए क्योंकि यह high cholesterol का कारण हो सकता है।

4. Pain in lower legs (below knees) - High cholesterol का एक लक्षण पैर के निचले हिस्से में दर्द होना या सुन्न होना भी है।

हो सकता है कि ज्यादातर लोगों को यह थकान का परिणाम लगे, लेकिन ऐसा होते रहने पर doctor को consult करना आवश्यक है।

5. Abnormal heart rate - अगर किसी व्यक्ति को दिल की धड़कनों के असामान्य गति से चलने की शिकायत रहती है, तो उसे जल्द से जल्द doctor से consult करना चाहिए।

 

How can we check cholesterol levels?

 

Blood test से cholesterol का पता लगाया जा सकता है। सलाह दी जाती है कि 20 साल के होने के बाद हर 1 से 3 साल के बीच अपना blood test करा लेना चाहिए। अगर आपके परिवार में high cholesterol की history है तो आप जल्दी-जल्दी cholesterol की जांच कराते रहें। High blood pressure, बढ़े हुए वजन और smoking की स्थिति में भी cholesterol की जांच कराना चाहिए।

 

To control your Cholesterol levels

 

1. Nutritious food - हमारे खान-पान का हमारी health पर direct effect पड़ता है।

यह बात high cholesterol पर भी लागू होती है, इसलिए लोगों को अपने खान-पान पर विशेष ध्यान  देना चाहिए और केवल पौष्टिक भोजन ही करना चाहिए।

Fruits, vegetables and fibrous food बहुत अच्छे रहते हैं। Almond, walnut, Corn बहुत अच्छा रहता है।

2. Regular exercise - High cholesterol की रोक-थाम करने का सबसे अच्छा तरीका regularly exercise करना है।

Regular exercise करने से immunity बढ़ जाती है, जो उस व्यक्ति को healthy रखने में helpful होती है।

3. Weight control - अधिक वजन को बहुत सारी बीमारियों का कारण माना जाता है।

इसी कारण, सभी लोगों को अपने वजन का विशेष  ध्यान रखना चाहिए ताकि उसे किसी तरह की बीमारी होने की संभावना न हो।

4. Smoking - किसी भी व्यक्ति के लिए smoking करना काफी harmful साबित हो सकता है।

अत: किसी भी व्यक्ति को smoking नहीं करना चाहिए ताकि वह बेहतर ज़िदगी जी सके। 

वैसे भी smoking, आपके साथ ही आपके परिवार और दोस्तों सबके लिए भी हानिकारक है, क्योंकि cigarette से निकलने वाला धुआं, साथ में रह रहे हर एक को नुक्सान पहुंचाता है।

 

Frequently Asked Questions (FAQs)

 

Q1. High cholesterol के लक्षण क्या हैं?

Ans. High cholesterol होने के संकेतों में मुख्य रूप से चक्कर आना, भूख न लगना, सीने में बाईं ओर दर्द होना, पैरों में दर्द होना इत्यादि शामिल हैं।

 

Q2. High cholesterol कितना खतरनाक हो सकता है?

Ans. हर व्यक्ति के लिए cholesterol काफी important होता है। जब यह अपने normal level से बढ़ जाता है, तो इससे उससे काफी गंभीर बीमारी होने की संभावना भी बढ़ जाती है। इन बिमारियों पर ध्यान न देने से यह जानलेवा भी साबित हो सकती हैं।

 

Q3. क्या High cholesterol को कम किया जा सकता है?

Ans. जी हां, high cholesterol को कम किया जा सकता है। इसके लिए लोगों को नमक का सेवन कम करना, exercise करना, डॉक्टर के संपर्क में रहना इत्यादि तरीके को अपनाना चाहिए।

 

Q4. High cholesterol किस तरह का भोजन करने से होता है?

Ans. High cholesterol की बीमारी मुख्य रूप से red meat, ज्यादा नमक, fast-food, fried food, इत्यादि को ज्यादा खाने से होता है।

 

Q5. High cholesterol को कम करने के लिए सुबह का नाश्ता कैसा होना चाहिए?

Ans. High cholesterol को कम करने के लिए सुबह के नाश्ते में बादाम वाला दूध, आमलेट, संतरे का जूस, इत्यादि को शामिल करना चाहिए।

 

Q6. क्या high cholesterol, stress से होता है?

Ans. आमतौर पर, High cholesterol directly stress से नहीं होता है, लेकिन अधिक वजन का होना, B.P.  होना समेत ऐसे बहुत सारे तत्व हैं, जो High cholesterol का कारण बनते हैं।

 

Q7. क्या high cholesterol से कमज़ोरी महसूस होती है?

Ans. जी नहीं, high cholesterol में कमज़ोरी महसूस नहीं होती है,  मगर इससे अन्य गंभीर बीमारियां heart related diseases, lung related diseases, breathing problems, etc. हो सकती हैं।


डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। यह किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

Thursday, 26 November 2020

Recipe : Raj kachudi

त्यौहारों और शादी-विवाह का मौसम हो और पकवानों की खुशबू ना हो, यह तो नाइंसाफी होगी।

तो क्या हुआ कि आज कल कोरोना ने हवा कुछ ऐसी चला रखी है कि शादी- विवाह, पार्टी में शामिल होना सपना सा लगने लगा है।

पर इस मौसम में हम पकवान ना खाएं, यह नहीं हो सकता।

तो चलिए आज हम अपने घरों में दिल्ली की मशहूर राज कचौड़ी की खुशबू बिखेरते हैं, और सब का दिल जीत लेते हैं।


 
Raj kachudi






Ingredients


For kachudi

All purpose flour (Maida) -1 Cup

Semolina (suji ) - ¼ Cup

Salt - ¼ tsp

Clarified butter (Ghee) - for frying and moyan 


For filling

Green gram Whole (sabut moong) - 2tbsp.

Potato ( boiled and fried) - 2tbsp.

Thick Curd -  1cup

Meethi chutney - 1 tbsp. 

Green chutney - 1tbsp.

Besan ke mahin sev - 1tbsp.

Roasted cumin powder 1tsp.

Black salt - 1 tsp 

Pomegranate- 1tbsp. 


Method


For kachudi

  1. मैदे में सूजी, नमक व 1tsp. घी मिलाकर अच्छे से mix कर लीजिए।
  2. इसमें पानी डालकर, smooth and soft dough बना लीजिए।
  3. इसे ½ hours के लिए rest करने के लिए छोड़ दीजिए। जिससे सूजी फूलकर soft हो जाए।
  4. आटे से गोले बना लीजिए और उसको rolling pin से पतला roll कर पूड़ी बना लीजिए।
  5. एक wok( कढ़ाही) में घी डालकर गर्म कर लीजिए।
  6. तेज गर्म घी में पूड़ी डाल दीजिए, पूड़ी के फूल जाने पर, flame slow कर दीजिए।
  7. पूड़ी को सुनहरा होने तक fry कर लीजिए।
  8. सुनहरा हो जाने पर, अच्छे से घी छानकर उसे निकाल कर ठंडा होने रख दीजिए।
  9. इसी तरह सारी पूड़ी बना लीजिए।
  10. जब तक पूड़ी ठंडी हो रही है, हम filling ready कर लेंगे।

For filling

  1. Overnight soaked मूंग दाल को high flame पर दो whistle देकर पका लें।
  2. Boiled potatoes को crispy fry कर लीजिए।
  3. दही में थोड़ी चीनी और नमक डालकर अच्छे से फेंट लें।
  4. जब पूड़ी पूरी तरह ठंडी हो जाए तब उसमें मूंग दाल, fried potatoes, फेंटा हुआ दही, हरी चटनी और मीठी चटनी से fill कर दीजिए। Black salt, roasted cumin powder व लाल मिर्च पाउडर छिड़क दीजिए।
  5. ऊपर से इसे finely chopped coriander leaves, दही, दोनों चटनी, महीन सेव व अनार से decorate कर serve कर दीजिए।
  6. Your delicious Raj kachudi is ready to serve.

Note

  • आप कहेंगे कि, यह तो पूड़ी बनाई है, फिर इसे कचौड़ी क्यों कहते हैं? क्योंकि हम पूड़ी के अन्दर सारी filling भर रहे हैं, इसलिए इसे राज कचौड़ी कहते हैं।
  • पूड़ी का Dough rest करने के बाद पूड़ी के आटे जैसा थोड़ा hard हो जाएगा, रोटी जैसा बहुत soft नहीं रहना चाहिए।
  • पूड़ी का size बड़ा रखिएगा, वरना filling properly नहीं भरेगी।
  • पूड़ी सब तरफ से एक सी पतली बेलिएगा, वरना वो पूरी तरह से गोल नहीं फूलेगी।
  • पूड़ी अलग अलग रखकर ठंडी करिएगा, जिससे वो फूली रहे। एक दूसरे पर चढ़ाकर रखने से पूड़ी पिचक जाएगी और soggy भी हो जाएगी।
  • जब पूड़ी पूरी तरह ठंडी हो जाए, तभी filling भरिएगा, वरना दही, चटनी सब भरने से वो crispy नहीं रहेगी।
  • राज कचौड़ी serve करने से ½ hours पहले ही ठंडी होकर ready होनी चाहिए। क्योंकि बहुत देर तक हवा में रहने से वो नमी पकड़ लेती है और soggy हो जाती है।
  • अगर आप को पूड़ी ज्यादा पहले से prepare करके रखनी हो, तो पूड़ी ठंडी हो जाने पर, उसे किसी airtight container में रखिएगा।
  • पर ध्यान रखिएगा कि पूड़ी intact रहे।
  • आप चाहें तो अपने taste के according, आलू boiled ही डाल सकते हैं। Crispy डालने से ज्यादा tasty लगता है।
  • याद रखिएगा दही खट्टा ना हो, और पतला भी ना हो। गाढ़ा और मीठा दही ही अच्छा लगता है।
  • अगर आप का दही पतला और खट्टा हो तो इस tip को follow कर सकते हैं। साथ ही tasty chutneys की recipe भी आप को मिल जाएगी।
  • आप अपने taste के according, more spicy कर सकते हैं, chat masala और chilli powder add करके।

तो देखकर क्या ललचाना, जब आसान है घर पर बनाना।