Thursday, 9 September 2021

Tips : सूखे हुए तुलसी के पौधे को हरा-भरा बनाना

आज तीज के पावन पर्व पर, आप के साथ एक ऐसी tip share करने जा रहे हैं कि जिसे जानकर हर हिन्दू प्रसन्नता से परिपूर्ण हो जाएगा। 

तुलसी के पौधे को हिंदू धर्म में बहुत महत्व दिया गया है। हालांकि, आयुर्वेद में भी तुलसी को एक औषधीय पौधा बताया गया है इसलिए तुलसी को कोई धर्म और आस्था से जोड़ कर देखता है, तो कोई सेहत के लाभ उठाने के लिए तुलसी का प्रयोग करता है। यही वजह है कि तुलसी का पौधा हर घर में होता है, मगर तुलसी के पौधे को लेकर अमूमन लोगों की शिकायत होती है कि वह बहुत जल्दी सूख जाता है। 

जी हाँ, आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि कैसे रखें तुलसा जी को हरदम हरी।

क्या हुआ यह जानकर, बांछे खिल गईं? 

हमारा भी यही हाल हुआ था।

Tips: सूखे हुए तुलसी के पौधे को हरा-भरा बनाना




घर पर लगा तुलसी का पौधा ऐसा हो गया कि उसमें, एक भी पत्ता नहीं बचा है और वो सूखने की कगार पर है, तो उसे दोबारा हरा-भरा बनाने के लिए आप इन tips को आजमा कर देखें। 

आपको बता दें कि तुलसी का पौधा सूखने के कई कारण हो सकते हैं। 

'बहुत से लोग यह अनुमान लगाते हैं कि तुलसी का पौधा गर्मी में लू लगने के कारण सूख जाता है, तो कोई सोचता है कि सर्दियों में ओस का शिकार होने पर तुलसी का पौधा खराब हो जाता है मगर, जब बारिश के मौसम में भी कुछ लोगों का तुलसी का पौधा survive नहीं कर पाता है, तो उनके सभी अनुमान गलत पड़ जाते हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि तुलसी के पौधे को बहुत अधिक पानी की भी जरूरत नहीं पड़ती है। एक तरह से यह कहा जा सकता है कि तुलसी के पौधे को बहुत ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं है, क्योंकि यह एक tropical plant है और इसलिए तुलसी का पौधा कम पानी, कम धूप और कम हवा में भी survive कर सकता है। लेकिन यदि यह सूख सा रहा है, तो कुछ उपाय करके उसे दोबारा हरा-भरा बनाया जा सकता है।'

सूखे हुए तुलसी के पौधे को बचाती है नीम :

अगर आपके घर पर लगा तुलसी का पौधा लगभग सूख चुका है और आप चाहते हैं कि वह दोबारा हरा-भरा नजर आने लगे, तो इसका एक अचूक उपाय कि 'हर महीने केवल 2 चम्मच नीम की पत्‍ती को सुखा कर उसका पाउडर अगर तुलसी के पौधे में डाला जाए, तो पौधे में नई पत्तियां भी आने लगेंगी और पौधा सूखता भी नहीं।' इसका तरीका यह है कि आपको नीम की पत्‍ती के पाउडर को पौधे की मिट्टी में अच्छी तरह से मिलाना होगा। ऐसा करने पर तुलसी के पौधे को बहुत फायदा पहुंचेगा।

ऑक्सीजन है बहुत जरूरी :

'बारिश के मौसम में जब तुलसी के पौधे में अधिक पानी इकट्ठा हो जाता है, तो पत्ते झड़ना शुरू हो जाते हैं। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि पौधे को जरूरत से ज़्यादा moisture मिल रहा होता है। ऐसे में पौधे की जड़ें सांस नहीं ले पाती हैं और स्थिति यह आ जाती है कि धीरे-धीरे तुलसी का पौधा सूखने लगता है। इस स्थिति के लिए भी एक आसान remedy है। पौधे की मिट्टी को 15 से 20 सेंटीमीटर गहराई तक खोदें, आप पाएंगे कि मिट्टी में moisture है। यदि ऐसा हो तो इसमें सूखी मिट्टी और बालू को भरें, इससे पौधे की जड़ें दोबारा सांस लेने लगेंगी।'

साथ ही गमले के नीचे का छेद बड़ा रखें, जिससे excess water easily निकल जाए।

अधिक moisture के कारण अगर तुलसी के पौधे में  fungal infection हो गया है, तो इस समस्या को दूर करना भी जरूरी है। नीम की खली का पाउडर आपको बाजार में आसानी से मिल जाएगा। इसे नीम seed powder के नाम से भी जाना जाता है। यदि आप 15 ग्राम पाउडर को soil में मिला दें, तो fungal infection दूर हो जाता है। अगर आपके पास powder नहीं है, तो आप घर पर ही नीम की पत्तियों को पानी में उबाल लें। जब पानी में हरापन आ जाए, तो उसे ठंडा करके bottle में भर लें। अब आप हर 15 दिन में एक बार खुरपी से मिट्टी को खोदें और उसमें 2 चम्मच इस पानी को डाल दें।'

तुलसी का पौधा और धर्म-आस्था : 

तुलसी के पौधे से लोगों की आस्था जुड़ी है, इसलिए अगर आप इस पौधे की पूजा करते हैं तो जरूर करें। मगर कोशिश करें कि रोज तुलसी की पत्ती न तोड़ें, दिया या अगरबत्ती जलाते हैं तो पौधे के बहुत पास ना रखकर, इन चीजों को थोड़ा सा दूर रखें। दरअसल, धुएं और तेल से भी तुलसी को नुकसान पहुंचता है।'

Revive होने में लगता है कितना समय?

अगर आप ऊपर बताई गई tips follow करते हैं, तो महीने भर में ही आपको सूखे हुए तुलसी के पौधे में नई पत्तियां आती हुई नजर आ जाएंगी।

आप सभी को हरितालिका तीज के पावन पर्व पर हार्दिक शुभकामनाएँ 💐🙏🏻

महादेव व पार्वती माँ हम सब पर कृपा करें... 🙏🏻🙏🏻

Tuesday, 7 September 2021

Article : मिसाल, कामयाबी की

 मिसाल, कामयाबी की



इस बार के Tokyo Paralympic 2020  में एक ऐसे player भी थे जो कि यहाँ तो Silver Medal लाये हैं, साथ ही वो गौतमबुद्ध नगर (Noida) के DM भी हैं।

तो चलिए थोड़ी सी बात उनके विषय में कर लेते हैं, क्योंकि वो Academic and sports दोनों ही field में excellent हैं...

इन का जीवन बहुत ही प्रेरणा-दायक है, और इनका जीवन के प्रति जो नजरिया है, उसने हमें बहुत प्रेरित किया। तो सोचा इनके विषय में जरुर से कलमबद्ध करना चाहिए जिससे हमारे blog पढ़ने वाले सभी लोग, उनसे प्रेरणा लें और जीवन के हर क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करें और सफलता प्राप्त करें।

Suhas LY एक Indian paralympics badminton player और वर्तमान में U.P. के गौतमबुद्धनगर (नोएडा) के DM भी हैं, सुहास अपने खेल men singles में विश्व के दूसरे सबसे बेहतरीन पैरा-बैडमिंटन खिलाड़ी हैं। सुहास का पूरा नाम 'सुहास लालिनाकेरे यतिराज' है।

जन्म से ही उनके दाहिने पैर में पोलियो होने के बाद उनका पैर खराब हो गया था। पैर से विकलांग सुहास को अपने पिता और परिवार का भरपूर साथ मिला। पैर पूरी तरह fit नहीं था तो समाज के ताने उन्हें सुनने को मिलते रहे, लेकिन पिता और परिवार चट्टान की तरह उन तानों के सामने खड़े रहे और कभी भी सुहास का हौसला नहीं टूटने दिया। 

सुहास के पिता उन्हें normal बच्चों की तरह देखते थे और उनसे हमेशा जीत की उम्मीद भी करते थे। अतः सुहास पर यह कमजोरी कभी हावी नहीं हुई और उन्होंने इसे अपनी ताकत बनाकर, DM की post सम्हाली, साथ ही badminton court में उतर गए। 

Discipline, concentration, smart work & self-confidence, ये चार चीजें उनकी जिंदगी और सफलता में काफी अहम role अदा करती हैं। उन्होंने कहा कि ये चार चीजें ऐसी हैं जो सफलता से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने कहा कि काम निर्धारित समय में पूरा हो जाए, इसके लिये discipline बहुत जरूरी है। किसी तरह की गलती की गुंजाइश न हो जिसका बाद पछतावा हो, इसलिये अपने काम पर एकाग्रता यानि concentration होना चाहिये। प्रयास ऐसा करें कि कम समय में अधिक परिणाम मिले, तो यही smart work है और यह सब करने के लिये जिस चीज की जरूरत है वह है self-confidence। सफलता के इन मूलमन्त्रों का पालन यकीनन बुलंदी के सपने को साकार करता है।

2004 में सुरथकल के National Institute of Technology से सुहास एलवाई ने computer science की पढ़ाई की। इतना ही नहीं, सुहास ने engineering branch से first division से bachelor पास किया। 

इन्होंने engineering के बाद job join कर ली। कुछ समय बाद इन्हें लगा कि इन्हें कुछ ऐसा करना चाहिए जिससे वह समाज की सेवा कर सकें।

तब इन्होंने IAS officer बनने का मन बनाया।

सुहास एलवाई U.P. cadre IAS के 2007 batch के IAS officer हैं। साल 2006 की UPSC exam में सुहास ने AIR 382 Rank (Suhas LY IAS Rank) हासिल किया था और साल 2007 में भारत के पहले विशेष रूप से दिव्यांग IAS officer बने। IAS officer बनने के बाद उन्होंने आगरा से अपने career की शुरुआत की।

Tokyo paralympics 2020 से पहले, सुहास 2017 ने Tokyo में हुए Japan open para-badminton tournament में runner-up रह चुके हैं। यही नहीं, 2016 में चीन में आयोजित Asian championship में mens singles का खिताब जीत चुके हैं। 2018 में asian para-games में भी bronze medal हासिल कर चुके हैं। 

कर्नाटक के सिमोगा जिले के रहने वाले सुहास एलवाई गौतमबुद्धनगर (नोएडा) से पहले प्रयागराज, आजमगढ़, सोनभद्र, महाराजगंज, हाथरस में DM की जिम्मेदारी निभा चुके हैं। इनका नाम बहुत ही सफल DM में शुमार है।

Suhas LY ने proof कर दिया कि कोई भी कमी, कोई भी कठिनाई, आप को सफल बनने से नहीं रोक सकती। उन्होंने दो विपरीत क्षेत्रों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर के यह भी सिद्ध कर दिया है कि आप एक नहीं बल्कि एक साथ दो fields में भी महारथ हासिल कर सकते हैं। दूसरे शब्दों में कहा जाए तो वो कामयाबी की मिसाल हैं।

 जिसने ठान लिया हो 

आगे बढ़ते जाने को 

उसको कोई कमी 

कोई कठिनाई

क्या रोकेगी 

चलेगी साथ वो 

हिम्मत बनकर

उसको दुनिया

सलाम ठोकेगी 


अगर इस article को पढ़कर किसी का जीवन संवर जाए, तो मेरा लिखना सार्थक हो जाए।

हमारे सभी viewers आप सभी का जीवन सफलताओं और सुख से परिपूर्ण रहे।

Monday, 6 September 2021

Article : हम किसी से कम नहीं

हम किसी से कम नहीं




Tokyo Paralympic games 2020, August 24 से 5 September तक चला है, जिसमें भारत के शेरों ने अपनी गर्जना द्वारा Tokyo Paralympic में अपनी शानदार जीत दर्ज की है। 

इसमें 17 players ने 19 Medals के लिए भारत का तिरंगा शान से लहराया है । जिसमें 5 gold medal, 8 silver medal और 6 bronze medal शामिल हैं।

Gold Medal Winners :

Avani Lakhera ने  women's air rifle shooting SH1 मेंSumit Antil ने men's javelin throw T64 में, Krishna Nagar ने badminton men's singles SH6 में, Pramod Bhagat ने badminton men’s singles SL3 मेंManish Narwal ने men's 50m pistol SH1 में Gold Medal जीता है।

Silver Medal Winners :

Bhavina Patel ने women's singles table tennis class 4 category में, Nishad Kumar ने men high jump T47 में, Yogesh Kathuniya ने men's discus throw F56 में, men's Devendra Jhajharia ने javelin throw T46 में, Singhraj Adana ने mixed 50m pistol SH1 shooting में, Mariyappan Thangavelu ने men's high jump T63 में Suhas Lalinakere Yathiraj (Suhas LY) ने badminton men’s singles SL-4 category में, Praveen Kumar ने men's high jump T64 में Silver Medal जीता है।

Bronze Medal Winners: 

Avani lakhera 50m rifle 3 position SH1 event में,  Sharad Kumar ने men's high jump T63 में, Sundar Singh Gurjar ने Men's javelin throw F46 में, Singhraj Adana ने 10m air pistol SH1 में, Harvinder Singh ने archery में, Manoj Sarkar ने adminton men's singles SL3 में Bronze Medal जीता है। 

पैरालंपिक में भारत के इतिहास पर नजर डाली जाए तो भारत ने 1968 में पहली बार पैरालंपिक में हिस्सा लिया था, उसके बाद से 2016 तक भारत की झोली में कुल मिलाकर 12 ही पदक थे।

पर इस साल तो जैसे कुछ चमत्कार हो गया हो, 17 players ने 19 Medals जीतकर इतिहास रच दिया।

जिसमें Avani Lakhera ने Gold Medal and Bronze Medal व Singhraj Adana ने Silver Medal and Bronze Medal जीता है।

इन दोनों ने एक ही Paralympic games में दो Medals जीतकर नया record बनाया है, साथ ही और लोगों को प्रेरणा प्रदान की।

सभी Paralympic players सभी को जीतने के लिए प्रेरित करते हैं।

उन्होंने prove किया है, कि अगर, आप में जोश है, लगन है और कुछ कर दिखाने का जज्बा है तो, किसी भी तरह की कमी या कोई भी कठिनाई आप को सफल होने से नहीं रोक सकती है।

तो यह सोच, कि कमी है, कठिनाई है, प्रतिकूल परिस्थितियाँ हैं, इन सभी से ऊपर उठकर देखिए... 

जमाना भी आप का है 

सफलता भी आपकी 

गर जोश, जूनून और

कुछ कर गुजरने का

 जज्बा हो आपका। 

हमारे Paralympic players ने यह बात prove कर दी है, कि हम किसी से कम नहीं है....

उन सभी players के लिए, जिन्होंने Tokyo Paralympic games में participate किया, उन सब को बहुत-बहुत बधाई और उन सभी खिलाड़ियों का विशेष आभार, जिन्होंने medal जीतकर हमारे तिरंगे को सम्मान प्रदान किया है।

क्या आप को नहीं लगता कि कुछ तो बात है कि भारत हर क्षेत्र में कमाल दिखा रहा है...

जय हिन्द जय भारत 🇮🇳🙏🏻