Friday, 3 December 2021

Article : Corona's Omicron enters India

 भारत में ओमीक्रोन का प्रवेश 



हम सभी जानते हैं कि corona का new variant corona omicron आ चुका है। 

पर पहले हम को इतनी चिंता नहीं थी क्योंकि यह हमारे India में नहीं था। यह variant, South Africa, Britain, Australia, Botswana, Canada, Germany, Italy, Netherlands, Portugal सहित 23 countries में आ चुका है। जिसमें सबसे ज्यादा cases South Africa में 77 and Britain में 22 पाए गए हैं। 

पर अभी कुछ दिनों पहले पता चला है कि India में corona virus के new variant omicron ने दस्तक दे दी है। 

Omicron variant के symptoms को जानने के लिए आप Corona Omicron article पढ़ सकते हैं।

इस बीच, experts ने बताया है कि इससे निपटने का सबसे बड़ा मंत्र है vaccination.

Omicron से बचने का तरीका

Health organization के अधिकारियों ने भी जोर देकर कहा है कि vaccine के दोनों doses बहुत जरूरी है। इसके अलावा Mask, social distancing, hand sanitization जरूरी हैं।


Bengaluru :

Corona virus के new variant omicron ने भारत में दस्तक दे दी है। चिंता की बात यह है कि देश में इससे संक्रमित इकलौते भारतीय बेंगलुरु के doctor की कोई travel history नहीं है। 

यह इस बात की तरफ इशारा कर रहा है कि omicron ने काफी पहले ही देश में दस्तक दे दी थी, genome sequencing के जरिए उसकी पहचान में शायद देरी हुई है। 

पिछले सभी variants में सबसे तेजी से फैलने वाले omicron से बचने का फिलहाल जो रास्ता दिख रहा है वह है vaccine के सभी doses लेना और सही से Mask लगाने, समेत बाकी एहतियात बरतना। 

Health Ministry के अधिकारियों ने जोर देकर कहा है कि नए वेरिए new variant से भी निपटने का तरीका वही है जो अबतक हम अपनाते आए हैं। बीमारी गंभीर न हो, इसके लिए vaccine के सभी doses लेना बहुत ही जरूरी है। इसके अलावा हमें mask पहनना होगा, वह भी सही तरीके से। 

भीड़ से बचना, social distancing और hand sanitization को जारी रखना ही होगा। 

नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) VK Paul ने बताया, ''omicron' की इस नई चुनौती के बाद भी vaccination ही सबसे महत्वपूर्ण औजा़र है। हम खुशकिस्मत हैं कि vaccine भरपूर मात्रा में उपलब्ध है।' उन्होंने यह भी कहा, 'डरने या घबराने की ज़रूरत नहीं है। हम सभी को जिम्मेदार बनना होगा। अभी variant से जुड़ी नई-नई जानकारियां सामने आ रही हैं और हम सभी सीख रहे हैं।'

कर्नाटक में जिस डॉक्टर के omicron variant से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है, वह और उनके संपर्क में आए लोग अभी अस्पताल में isolation में हैं। Doctor के 13 primary contact और 205 secondary contact को अब तक trace किया जा चुका है। 

Self isolation of a person which had an act risk :

दूसरी तरफ, 66 साल के जिस दक्षिण अफ्रीकी नागरिक में omicron variant की पुष्टि हुई है, वह देश छोड़कर जा चुका है। 'Act risk' यानी जोखिम वाले देशों में शामिल दक्षिण अफ्रीका से ये शख्स 20 नवंबर को बेंगलुरु आया था। उसे तब शहर के एक hospital में self isolate होने को कहा गया था। जबतक उसके sample का genome sequencing, result आता, उससे पहले ही 27 नवंबर को वह शख्स दुबई रवाना हो गया।

फिलहाल अच्छी बात यह है कि देश में मिले omicron के दोनों मरीजों में सिर्फ हल्के लक्षण मिले हैं। दोनों ने ही vaccine के दोनों doses लिए थे।

पहली बार दक्षिण अफ्रीका में मिला corona का omicron variant तेज़ी से तमाम देशों में फैल रहा है। तेज़ी से फैलने के मामले में यह दूसरे variant से ज्यादा संक्रामक दिख रहा है। 

Omicron variant में बहुत ही ज्यादा mutation दिखे हैं। इसके amino acid में 45 से 52 mutation हुए हैं, वहीं इसके spike protein में 26-32 mutation हुए हैं। Virus के भीतर जो spike protein होता है, वहीं मानव कोशिकाओं के संपर्क में आता है और उसी के ज़रिए वायरस शरीर में घुसता है।

Omicron को लेकर राहत वाली बात ये है कि इसके मरीजों में अबतक हल्के लक्षण मिले हैं। 

Central Government ने कहा है कि वह इस variant पर करीबी नज़र रखे हुए हैं। International flights पर प्रतिबंध समेत सभी मुद्दों पर experts से विचार किया जा रहा है।

जिस दक्षिण अफ्रीकी शख्स में Omicron संक्रमण की पुष्टि हुई है, उसके संपर्क में आए 264 लोगों की पहचान की जा चुकी है। इनमें से कोई भी corona positive नहीं मिला है। वहीं, doctor वाले मामले में कुल 218  contacts को trace किया जा चुका है। उनमें से 5 corona positive मिले हैं जिनमें 3 primary contact हैं तो 2 secondary।

Don't be afraid, stay healthy stay safe...

Thursday, 2 December 2021

किस्से अनोखी के : अनोखी और बकरी का बच्चा

आज से आप को एक लड़की के किस्से सुनाते हैं, कुछ अलग ही है वो सबसे, नाम भी सबसे अलग "अनोखी"

 किस्से अनोखी के


अनोखी और बकरी का बच्चा




अनोखी बचपन से ही अनोखी थी।

जब सारे बच्चे खेल रहे होते, वो अपनी मां के ईर्द-गिर्द घूमती रहती कि माँ को किसी भी काम को पूरा करने के लिए उसे बुलाना ना पड़े। 

डरती तो वो किसी से नहीं थी, किसी को भी परेशानी में नहीं देख सकती थी ।

उसे अपनी छोड़ पूरी दुनिया की परवाह थी। और जो उसने मन में ठान लिया, उसे करने से उसे स्वयं जगन्नाथ जी भी नहीं रोक सकते थे।

तभी तो उसकी माँ उसे अनोखी बुलाती थी। 

एक दिन की बात थी, अनोखी का जन्म दिन था, उसकी माँ, उसके लिए नयी फ्रॉक लायीं थी। उसे पहन वो अपनी दोस्तों को अपनी birthday के लिए बुलाने के लिए जा रही थी।

थोड़ी देर बाद वो जब वो लौटी, उसकी सारी फ्रॉक पानी और मिट्टी से गंदी थी। माँ ने कहा कि जाकर कपड़े बदल कर आ। पता नहीं क्या कर के आ रही है, अभी तेरी सारी सहेलियां आती होगी।

पर सुबह से शाम हो गई, कोई नहीं आया।

अब माँ परेशान हो गयी कि आखिर कोई आया क्यों नहीं?

उन्होंने अनोखी से पूछा, एक बात बताओ कि ऐसा भी क्या हुआ जो तुम्हारी एक भी सहेली नहीं आयी?

तुमने कितने बजे आने को बोला था?

मैंने कब बोला?

क्या! नहीं बोला? नये कपड़े पहन कर सबको बोलने ही तो गई थी। अरे हाँ, लौटते समय तेरे कपड़े भी गीले और गन्दे थे। क्या कर के आई थी।

अरे माँ, गयी तो बुलाने ही थी। तभी देखा, कुछ लड़के एक बकरी के बच्चे को परेशान कर रहे थे तो वो गड्ढे में गिर गया था। 

तो उसी को निकालने में लगी थी तो सारे कपड़े गीले और गन्दे हो गये थे।

फिर मैं गई थी, रेखा के घर। पर वो मेरे गीले और गन्दे कपड़े देखकर पास ही नहीं आ रही थी। इसलिए मैंने उसे कुछ नहीं बोला।

और बाकी का क्या हुआ?

बाकी के घर तो गई ही नहीं, किसी को भी आने को बोलती, तो सबको लगता गन्दे कपड़े के साथ में आयी हूँ।

तो सिर्फ़ सबको बेवकूफ बना रही हूँ, birthday नहीं है।

तो मुझसे इतना खाना क्यों बनवाया?

वो बकरी और उसके चारों बच्चों को खाना दे सकूं, इसलिए। मेरी अच्छी माँ दे दोगी ना, उनके लिए?

ले जा, तुझे जिसके संग अपनी birthday मनानी है मना। मुझे क्या।

अनोखी ने प्यार से माँ को गले लगाया और खुशी-खुशी बकरी की ओर चल दी।

हे भगवान, क्या अनोखी लड़की है, अपने सबसे बड़े दिन का सत्यानाश कर दिया। फिर भी खुश है। पर मन ही मन माँ अपनी अनोखी के कोमल ह्रदय से खुश भी थी।

चलिए अगला किस्सा, अगली बार...

Wednesday, 1 December 2021

Short Story : दोष

दोष 




शीतल बहुत सुन्दर और चंचल थी। हर कोई उसे ही निहारा करता था।

इस बात से शीतल भी इतराती फिरती। एक दिन शीतल की माँ उसे कपड़े बदला रही थी कि उनका ध्यान गया कि शीतल की पीठ में सफ़ेद दाग था।

उसको देखकर माँ बहुत घबरा गईं, उन्होंने शीतल के पिता को बताया कि शीतल में ना जाने क्या दोष है कि उसके पीठ पर सफ़ेद धब्बा है, तो वह भी घबरा गये।

वो लोग उसे लेकर वैध के पास गये। वैध बोले चिंता ना करो, यह कोई दोष नहीं है, मैं इसे ठीक कर दूंगा। 

शीतल के पिता ने जाते समय वैध जी से कहा कि, आप ही हैं जो समझते हैं कि यह एक विकार है, कोई दोष नहीं।

पर इस बारे में अन्य यही जानते हैं कि यह दोष है, अतः इस बारे में किसी को नहीं बताएं, अन्यथा गांव में बेटी का तमाशा बन जाएगा।

वैध ने स्वीकृति दे दी।

वैध की लड़की त्रिशाला, शीतल के बराबर की थी, वो शीतल के इतराने से बहुत चिढ़ती थी।

जब उसने देखा कि शीतल के माता-पिता दवाई बनवाने के लिए आए हैं तो, उनके जाने के बाद त्रिशाला ने पिता जी से पूछा, पिता जी यह लोग क्यों आए थे?

वैध जी बोले कि यह लोग शीतल को और सुन्दर बनवाने की दवा बनवाने आए थे।

त्रिशाला यह सुनकर अंदर ही अंदर जल-भुन गई, वह मन में चाल बनाने लगी कि कैसे शीतल को सबक सिखाया जाए।

वैध जी की जब पूरी दवा तैयार हो गई तो त्रिशाला ने पिता को भोजन करने के लिए बुला लिया।

जब वह भोजन कर रहे थे तो उसने शीतल की दवा में चंद जड़ी-बूटी और मिला दी।

वैध जी ने वही दवा शीतल के पिता को दे दी।

फिर वही हुआ, जैसा त्रिशाला ने सोचा था, दवा ने अपना‌ असर दिखाना शुरू कर दिया। शीतल के शरीर में सफ़ेद धब्बे और बढ़ने लगे। अब धब्बे हाथ और पैरों में भी हो गये थे।

शीतल ने पूरे वस्त्र पहनने आरंभ कर दिया, जिससे किसी को उसके हाथ-पैर ना दिखे और किसी को उसके दोष का पता नहीं चल सके...

दवाई तुरंत रोक दी। वैध जी से इसका कारण पूछा गया, पर वो कुछ पुख्ता कारण नहीं बता पाए। 

वो खुद हैरान थे कि आखिर दोष कहाँ हो गया? जो उनकी दवा ग़लत असर दिखा रही है, आखिर माजरा क्या है? 

और उन्होंने इसी सदमे में पहले वैध का कार्य छोड़ दिया, फिर दुनिया भी। 

त्रिशाला को अपने दोष पर बहुत ग्लानि हुई, पर उसने कभी किसी को सत्य नहीं बताया।

त्रिशाला दुनिया में अकेली रह गई, माँ तो पहले ही नहीं थीं, पिता भी उसका विवाह किए बिना ही इस दुनिया से चले गए। 

उधर शीतल का विवाह बहुत धनाढ्य परिवार के एकलौते पुत्र वरुण से हुआ। ससुराल में किसी को भी नहीं पता था कि शीतल के सफ़ेद धब्बे हैं।

वरुण को एक दिन में ही शीतल की हकीकत पता चल गई, पर उसने घर में किसी को नहीं बताया, पर शीतल से दूरी बना ली।

किसी को समझ नहीं आ रहा था कि आखिर चांद सी शीतल में दोष क्या है? जो पहली रात से ही वरुण उससे दूर हो गया। 

शीतल दुःखी थी, जिस रूप पर वो इतराती फिरती थी, आज वो रुप भी उसका दोष ना छिपा पाया! या शायद इतराना ही उसका...