Wednesday, 23 March 2022

Story of Life: गलती किसकी (भाग-3)

 गलती किसकी (भाग-1)...व‌ 

गलती किसकी (भाग-2) के आगे....


गलती किसकी (भाग-3)




“मुझे माफ कर दो रोहित। मुझे नहीं पता था की तुम्हारे साथ इतना बुरा हो जाएगा। उस दिन की bus की घटना का किसी ने video बना दिया था जो viral हो गया था। मुझे news channel से phone आया तो free की publicity और famous होने के लालच में मैंने वो interview दे दिया था।”

“तुम लड़की होने का बहुत फ़ायदा उठा चुकी, उस दिन bus मे भी सब मुझे गलत समझ रहे थे और आज पूरी दुनिया मुझे गलत समझ रही है।

अगर तुम नहीं चाहती हो कि, तुम्हारी ज़िन्दगी बर्बाद हो तो, आज तुम एक और interview दोगी और बताओगी की उस दिन bus में गलती किसकी थी।

रोहित ने शिवांगी को खोल दिया, उसे चाय और नाश्ता दिया, जिससे वो comfortable हो जाए।

रोहित के पापा ने उसी news anchor से interview set किया था।

News channel को देखकर, पहले तो शिवांगी आनाकानी करने लगी, पर फिर कोई और विकल्प ना देखकर उसने news channel पर सब सच सच बता दिया, कि उस दिन बस के डगमगाने से रोहित का हाथ उसकी कमर पर लग गया था। रोहित ने ऐसा किसी खराब intention से नहीं किया था।

News anchor ने पूछा, जब आपको पता था, तो आपने व्यर्थ में हँगामा क्यों मचाया?

जी बस पूरी तरह से भरी हुई थी और मैं खड़े होकर सफ़र नहीं करना चाहती थी, अतः मुझे seat पाने का अच्छा मौका लगा। मुझे नहीं पता था कि कोई हमारी घटना का video बना रहा है।

पर जब video, viral हो गया तो, फिर news channel वालों के call ने, बिना किसी बात के मुझे famous होने का मौका दे दिया, जिसको मैंने बिल्कुल नहीं गंवाया।

रोहित पूरी तरह से निर्दोष है, उसने कुछ भी गलत नहीं किया है।

News anchor को समझ नहीं आ रहा था कि, वो क्या करे? इस interview को telecast करे कि नहीं।

रोहित ने कहा, क्या हुआ? आज इतना सोच क्यों रहे हो? उस दिन तो आप ने बिल्कुल नहीं सोचा था। एक बार भी नही सोचा था कि किसी की ज़िन्दगी बर्बाद हो जाएगी, पहले पता कर लिया जाए कि सही क्या है? गलती किसकी है? हमेशा हम लड़के ही गलत नहीं होते हैं, कभी कभी लड़कियाँ भी गलत हो सकती है।

किसी के भी भविष्य को दाँव पर लगाने से पहले सोच लेना चाहिए।

Tuesday, 22 March 2022

Story of Life : गलती किसकी (भाग-2)??

 गलती किसकी (भाग-1) के आगे...

गलती किसकी (भाग-2)??


इस घटना को बीते हुए एक महीना हो चुका था। शिवांगी ने तेज़ कदमों से बढ़ते हुए एक auto rickshaw को रोका और अपने office की तरफ चलने को कहा।

 Auto कुछ देर तक तो सही direction में चलता रहा फिर, उसने अपने direction को change किया और शहर से सुनसान रास्ते की ओर जाने लगा। 

शिवांगी अपने mobile और net की दुनिया में खोई हुई थी और उसने उस ओर ध्यान नहीं दिया। जब auto रुका तो वह एक खंडहर हवेली के आगे रुका हुआ था।

 शिवांगी बोली, “भैया, ये आप मुझे कहाँ ले आए? मैंने तुम से office चलने को कहा था।” 

तभी एक करकशी आवाज़ के साथ auto driver ने शिवांगी से कहा, “चलो उतरो।” और शिवांगी का हाथ पकड़ कर उसे auto से नीचे उतार दिया। 

शिवांगी बोली, “ये क्या बदतमीज़ी है?” तभी शिवांगी ने auto driver को ध्यान से देखा,  बिखरे बाल, बढ़ी हुई दाढ़ी व फटी पुरानी सी shirt देखकर, वो कुछ देर तक उसे देखने बाद बोली, “तुम!”

Auto driver ने कहा, “हाँ, मैं।” और शिवांगी को हवेली के अंदर ले गया। शिवांगी को ले जाकर, उसने कुर्सी पर बैठा कर बांध दिया। सामने table पर एक laptop रखा था।

शिवांगी गिड़-गिड़ा रही थी और बोल रही थी “मुझे छोड़ दो, मुझे जाने दो, मेरे साथ कुछ गलत मत करो।” 

“क्यों? तुम तो आज की नारी हो न। तुम्हें किसका डर?” 

“नहीं रोहित, मुझे छोड़ दो। Sorry, मुझे जाने दो।”

“रोहित? तुम्हें मैं याद हूँ आज तक? 

 तुमने मेरी ज़िन्दगी बर्बाद कर दी। मैं बचपन से ही बहुत सीधा-साधा, होनहार लड़का था। मेरी बहुत अच्छी नौकरी थी। मेरे सारे परिवार वाले मुझ से बहुत खुश थे। चंद दिनों में मेरी शादी होने वाली थी। 

पर तुम्हारे उस interview ने मुझे आवारा सिद्ध कर के मेरी ज़िन्दगी बर्बाद कर दी। 

आज ना मेरे पास नौकरी है, ना प्यार, ना दोस्त, ना परिवार। मेरा सब कुछ मुझ से छिन गया है। आज मैं बेहद तन्हा और अकेला हूँ। यहाँ तक कि क्यों जी रहा हूँ, वो भी मुझे नहीं पता? और ये सब तुम्हारे कारण हुआ है।

तुम अच्छे से जानती हो की उस दिन गलती किसकी थी?

रोहित ने अपनी जिंदगी बर्बाद करने के लिए, शिवांगी को क्या सज़ा दी या उसे छोड़ दिया? जानने के लिए पढ़ें, अंतिम भाग,

 गलती किसकी (भाग-3) में...

Monday, 21 March 2022

Story of Life : गलती किसकी?

गलती किसकी?



आज bus खचा-खच भरी हुई थी। तिल रखने तक की जगह नहीं बची थी। 

रोहित अपनी seat पर बैठा हुआ था और उसके बगल में एक वृद्ध महिला बैठी थी।

तभी झटके से bus एक bus stop पर रुकी और कुछ लोग और bus में चढ़ गए, उनमें तेज़-तर्रार शिवांगी भी थी।

 वह रोहित के बगल में ही आकर खड़ी हो ई। उसको रोहित का seat पर बैठे रहना बिल्कुल नहीं सुहा रहा था। वह सोच रही थी की ऐसा क्या किया जाए की रोहित की seat उसको मिल जाये।

तभी bus आगे जा रहे scooter को बचाने के कारण कसकर डगमगा गईBus के डगमगाने से रोहित का हाथ शिवांगी के कमर से टकरा गया। 

शिवांगी बहुत खुश हो गई क्योंकि वह जिस मौके के तलाश में थी वह उसे मिल गया।

शिवांगी रोहित पर ज़ोर-ज़ोर से चिल्लाने लगी और कहने लगी “तुम जैसे आवारा लड़के तो बस लड़कियों को छेड़ने को आतुर रहते हैं।

तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई मेरी कमर को छूने की!”?

रोहित सकपका गया और बोला “मैंने तुम्हारी कमर को जानबूझ कर नहीं छुआ है। बस के डगमगाने के कारण मेरा हाथ, तुम्हारी कमर से लग गया था। 

I am sorry, मेरी ऐसी कोई intention नहीं थी। 

पर शिवांगी के ऊपर sorry का कोई प्रभाव नहीं पड़ा बल्कि वह और ज़ोर-ज़ोर से चिल्लाने लगी, “तुम मुझे बेवकूफ समझते हो? मैं बहुत अच्छे से जानती हूँ तुम जैसे लड़कों की फ़ितरत को।

तुम ने ऐसा क्या सोचकर किया था? लड़की हूँ, डर जाऊँगी? मैं आज की लड़की हूँ जो डरती नहीं है, लड़ती है। 

और यह कह कर उसने रोहित को shirt के collar से पकड़ लिया और कहा, “उठ जाओ यहाँ से, तुम्हें यहाँ बैठने का कोई अधिकार नहीं है।

रोहित ने अपने collar को छुड़ाते हुए शिवांगी को धक्का दिया और कहा, “जब मैं गलत नहीं हूँ तो मैं क्यों उठूँ?” 

पर तब तक बस मे मौजूद सभी ने शिवांगी का साथ देना शुरू कर दिया था और रोहित के bus stop आने से पहले ही उसे जबरन bus से उतार दिया गया और शिवांगी, रोहित की seat पर बैठ गयी। 

वह मन ही मन अपनी कुटिलता पर मुस्कुरा रही थी और bus में मौजूद सभी लोग उसके साहस की तारीफ़ कर रहे थे। 

वहीं रोहित अपमान का घूंट पी कर अपने apartment की तरफ पैदल ही चला पड़ा।

घर पहुँचते-पहुँचते, वह अपमान, झगड़े और थकान से बहुत दुखी हो चुका था, अपने कमरे में पहुँचते ही बिस्तर पर लेटते ही तुरंत सो गया।

रात के करीब 8-9 बजे उसके दोस्त रितेश का phone आया। रोहित के phone उठाते ही वह बोला, “अरे बेवकूफ! तूने यह कौन सा बड़ा कांड कर डाला?” 

रोहित ने आश्चर्य से भरकर कहा “कांड?”  

रितेश बोला, “हाँ कांड! 

TV on कर के देख की क्या news आ रही है। हर जगह पर तू ही तू छाया हुआ है। 

रोहित ने आनन-फानन में TV खोला, उसने news में देखा की शिवांगी का interview चल रहा था जिसमें शिवांगी से पूछा जा रहा था, “आज जो bus में घटना हुई उसके बारे में आपके क्या विचार हैं?”  

शिवांगी ने कहा, “मैं आज की लड़की हूँ, मैं न ही डरती हूँ और न ही झुकती हूँ, मुझे किसी के सहारे की कोई ज़रूरत नहीं है, साथ ही मैं अपनी लड़ाई खुद लड़ सकती हूँ और bus में आज मैंने वही किया। 

News anchor ने शिवांगी की बहुत सराहना की और कहा, “आज की नारी को आपके जैसे ही सशक्त होना चाहिए तभी वह अपना अस्तित्व बना पाएगी और सफलताओं को प्राप्त करेगी। 

रोहित, शिवांगी का interview देखकर बौखला गया। उसे समझ नहीं आ रहा था की वह क्या करे। तभी उसे एक के बाद एक phone आने लगे।

शिवांगी के interview का रोहित पर क्या असर पड़ेगा, जानने के लिए पढ़ें...

गलती किसकी (भाग- 2) में...