Monday, 18 April 2022

About Shades of Life: Shades of Life की सफलता के चार वर्ष

Shades of Life की सफलता के चार वर्ष


फिर वही दिन, 

वही घड़ी, 

वही लम्हा आया है।

मिले थे, जिसमें

हम और आप,

वो पल फ़िर,

मुस्कुराया है।

साथ, आप का,

भाग्य है हमारा,

प्रशंसा आपकी,

सौभाग्य हमारा।


आज आप से जुड़े हुए पूरे चार साल हो गए हैं, पर लगता है जैसे कल की बात हो, जब हमारे जन्मदिन पर बिटिया ने यह सर्वश्रेष्ठ gift दिया था।

Shades of Life और आप सभी को इसके लिए बहुत बहुत बहुत आभार और शुभकामनाएँ 🙏🏻💐🎉

अब तक के आपके साथ के statistics इस प्रकार हैं।





इन चार सालों में बहुत कुछ अच्छा बुरा घटते हुए देखा है, लेकिन यह दिल बस अच्छी यादों को समेटकर, संजोकर रखना चाहता है।

Shades of Life आप के साथ जिंदगी के हर रंग में जुड़ना चाहता है, एक ऐसे हमसफ़र के रूप में, जिसने हर कदम साथ चलने का वादा किया हो।

जो चाहता है, खुशियों में साथ खिलखिलाना, त्योहारों में धूम मचाना, ईश्वर की आस्था अराधना में खो जाना, खाना इतना स्वादिष्ट बनाना कि सबकी उंगलियों का चाटते रह जाना, वहीं परेशानियों को चुटकियों में हराना, दुःख में साथ खड़े हो जाना... एक ऐसा हमसफ़र, जिसने हर कदम साथ चलने का वादा किया हो।

इसलिए Shades of Life, जिंदगी से जुड़े बहुत से रंगों को समेटे हुए आप से जुड़ा हुआ है। 

जिसमें है...

जिंदगी से जुड़ी यादगार कहानियाँ -

Stories of Life

हर cuisine से जुड़ी बेहतरीन recipes -

Recipes

बच्चों की परेशानियों को सुलझाने वाली रोचक कहानियाँ -

Kids Stories

देश-दुनिया से जुड़ी जानकारियों से जुड़े लेख -

Articles

समस्याओं को चुटकियों में सुलझाने वाली tips -

Tips 

ईश्वर को प्रसन्न करने वाले भजन -

Bhajan (Devotional Song)

मन को छू जाने वाली कविताएं -

Poems 

भारतीय संस्कृति के बहुमूल्य रत्नों को प्रदर्शित करती -

India's Heritage

और भी ऐसे ही जीवन के हर पल को समेटती हुई रचनाएं...


उपरोक्त दिए गए, सभी segment, आपको blog में मिलेंगे।

जिसमें इन चार सालों में जिंदगी से जुड़े रंगों की छटा बढ़ती गई है। आज 49 shades जुड़ चुके हैं:

ऐसा सिर्फ और सिर्फ ईश्वर कृपा, आप सभी के आशीर्वाद और शुभकामनाओं के कारण संभव हुआ है। इसके लिए ह्रदय से अनेकानेक आभार 🙏🏻

आपके इसी साथ, सराहना और सहयोग के सदैव आकांक्षी रहेंगे 🙏🏻💕

Saturday, 16 April 2022

Article : हनुमान जन्मोत्सव या हनुमान जयंती

 हनुमान जन्मोत्सव या हनुमान जयंती




आज हनुमानजी का जन्मोत्सव पूरे हर्षोल्लास से भारत के सभी क्षेत्रों में मनाया जा रहा है।

मंगल करने वाले, अमंगल हरने वाले, प्रभु हनुमानजी, जिस के साथ हों, उसका कोई बाल भी बांका नहीं कर सकता है।

हे प्रभु, आप हम सब पर अपनी कृपा दृष्टि बनाएं रखें 🙏🏻

रामायण के अनुसार हनुमान जी का जन्म कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को हुआ था। उस दिन मंगलवार था, मेष लग्न और स्वाती नक्षत्र था।

 महावीर हनुमान को भगवान शिव का 11वां रूद्र अवतार कहा जाता है और वे प्रभू श्री राम के अनन्य भक्त हैं।

 हनुमान जी ने वानर जाति में जन्म लिया। उनकी माता का नाम अंजना (अंजनी)  और उनके पिता वानर राज केशरी हैं। वहीं दूसरी मान्यता के अनुसार हनुमान जी को पवन पुत्र भी कहते हैं। 

हनुमान जी के इस संक्षिप्त परिचय से सभी परिचित ही होंगे।

पर बहुत से लोग आज के दिन को हनुमान जन्मोत्सव के रूप में, तो कुछ इसे हनुमान जयंती के रूप में मना रहे हैं।

आप कहेंगे, अंतर क्या है, जन्मोत्सव और जयंती में?

एक ही तो है, हनुमान जी के जन्मदिवस पर उत्सव।

बिल्कुल एक होता, अगर हनुमानजी साधारण व्यक्ति होते, पर हनुमान जी तो महान विभूति हैं।

वो ना केवल देवों के देव महादेव के रुद्र अवतार हैं, बल्कि आज भी लोककल्याण के लिए पृथ्वी पर विराजमान हैं।  

जिसका भी इस पृथ्वी पर जन्म हुआ है, उसका जन्मोत्सव मनाया जाता है।

पर जयंती, उस व्यक्ति की मनायी जाती है, जिसका जन्म और मृत्यु दोनों हो चुकी हों।

वेदों और पुराणों के अनुसार पृथ्वी पर 7 महान लोग व साथ में ऋषि मार्कण्डेय आज भी पृथ्वी पर विराजमान हैं।

जिनमें से कुछ आशीर्वाद से, कुछ श्राप से, कुछ नियम में बंधकर, कुछ सिद्धि प्राप्त कर विराजमान हैं।

इस श्लोक के अनुसार वह लोग हैं...

अश्वत्थामा  बलिर्व्यासो हनुमांश्च विभीषणः। कृपः परशुरामश्च सप्तैते चिरंजीविनः॥सप्तैतान् संस्मरेन्नित्यं मार्कण्डेयमथाष्टमम्। जीवेद्वर्षशतं सोपि सर्वव्याधिविवर्जित।।

इस श्लोक की प्रथम दो पंक्तियों का अर्थ है की अश्वत्थामा, राजा बलि, ऋषि व्यास, हनुमान जी, विभीषण, कृपाचार्य और भगवान परशुराम ये सात महामानव चिरंजीवी हैं। तथा अगली दो पंक्तियों का अर्थ है की यदि इन सात महामानवों और आठवे ऋषि मार्कण्डेय‌ का नित्य स्मरण किया जाए तो शरीर के सारे रोग समाप्त हो जाते है और 100 वर्ष की आयु प्राप्त होती है। 

हनुमान जी, जब माता सीता के पास अशोक वाटिका में प्रभू श्रीराम का संदेश लेकर पहुंचे थे तो माता सीता, प्रभू श्रीराम का संदेश सुनकर अति प्रसन्न हुईं।

जिसके फलस्वरूप उन्होंने, हनुमान जी को लोककल्याण के लिए, अजर-अमर होने का आशीर्वाद दिया था।

इस श्लोक से स्पष्ट है कि हनुमानजी, आज भी पृथ्वी पर लोककल्याण के लिए विराजमान हैं। अतः उनके जन्मदिवस के अवसर को हनुमान जन्मोत्सव कहा जाएगा।

हनुमान जन्मोत्सव की हार्दिक शुभकामनाएँ 💐🎉

प्रभु सबका मंगल करें 🙏🏻🙏🏻 

अन्य सात महामानव की कथा भी आप के साथ फिर कभी साझा करेंगे ....

Friday, 15 April 2022

Instant Gol Gappe

गोल गप्पे, पानी पूरी, फुचके, पानी के बताशे, जिस नाम से चाहें बुलाओ, दुनिया दिवानी है इसकी। कोई भी इसके नाम को सुनकर अपने मुंह में पानी लाएं, बिना नहीं रहेगा।

यह खाने में जितने tasty होते हैं, बनाने में उतने ही difficult and tedious होते हैं, इसलिए जल्दी कोई इन्हें घर पर लोग नहीं बनाते हैं।

पर हम आपके लिए instant Gol Gappe बनाने की recipe, share कर रहे हैं। यह instant होने के साथ ही healthy भी हैं....

Instant gol gappe



Ingredients :

Suji - 250 gm.

Baking powder - ½ tsp.

Ghee - 1 tbsp.

Salt - ¼ tsp.

Ghee (clarified butter) - for frying


Method :

  1. सूजी में बाकी सारे ingredients डालकर अच्छे से mix कर लीजिए।
  2. सूजी का हल्का, गीला-सा dough prepare कर लीजिए।
  3. इसे half an hour (30 min.) के लिए रख दीजिए। 
  4. Half an hour के बाद, सूजी को अच्छे से मसल कर चिकना कर लीजिए।
  5. इसके गोले तोड़कर, पतली रोटी बना लें।
  6. अब आप को जो size रखना है, उसके according, किसी ढक्कन की सहायता से छोटे-छोटे गोल गप्पे काट लीजिए।
  7. एक slightly wet, synthetic कपड़ा लीजिए, जो आधा गीला हो और आधा सूखा।
  8. Wet surface पर गोलगप्पे रखते जाएं और dry surface से उसे ढक दें। 
  9. कढ़ाई में घी डाल कर तेज़ गर्म कर लीजिए।
  10. गर्म घी में, एक-एक कर के गोल गप्पे डालते जाएं।
  11. एक बार में 10-12 से ज़्यादा मत डालिएगा।
  12. जब आप पूरी wave (गोल गप्पों की) डाल दें तो flame slow कर दीजिए।
  13. उन्हें उलट-पलट कर slightly brown होने तक सेक लें।
  14. इसी विधि से सारे बना लें।

Now your mouth watering and appetizing Instant Gol Gappe are ready to go in everyone's stomach.

अब tips and tricks जानने का समय है।


Tips and Tricks :

  • हमारे गोल गप्पे सूजी के हैं तो healthy भी ज़्यादा हैं।
  • सूजी के बने होने के कारण यह जल्दी crispy होते हैं और काफी देर तक crispy बने भी रहते हैं।
  • घी के हल्के से मोयन होने से, यह कड़े नहीं बनते हैं। जिससे इन्हें खाते समय यह होंठों में चुभते नहीं हैं साथ ही घी का मोयन होने से यह बेलते समय, चिपकते नहीं है।
  • ½ tsp. baking powder डालने से गोल गप्पे आसानी से फूलते हैं और फूले गोल गप्पों की संख्या ज़्यादा होती है।
  • सूजी का हल्का-गीला dough, इसलिए रखते हैं, जिससे सूजी पानी properly soak करके, soft हो जाए।
  • सूजी को जब half an hour के बाद दुबारा knead करते हैं तो सूजी का dough, rough नहीं रहता है।
  • Dough, soft होगा, तो हाथ में और rolling pin में बिल्कुल नहीं चिपकेगा।
  • एक बार में 10-12 गोल गप्पों से ज़्यादा होने से उन्हें proper space नहीं मिलती है तो वो आसानी से फूलते नहीं हैं साथ-साथ गोल गप्पे जैसे न बन कर पापड़ी जैसे ज़्यादा बन जाते हैं।
  • Wet and dry combination में cloth लेने से, गोल गप्पों की एक side में नमी रहती है और दूसरी तरफ dry, जो कि गोल गप्पों का key point है।
  • कढ़ाई में डालते समय wet side, नीचे होनी चाहिए, means वो side, wok में अंदर होनी चाहिए।
  • नमी के कारण ही गोल गप्पे अच्छे और गोल-गोल फूलते हैं।
  • बड़ी रोटी पतली रखिएगा। पतली होने से गोल गप्पे जल्दी बनेंगे और ज़्यादा crispy होंगे।
  • अगर आप से बड़ी रोटी नहीं बन रही हो, तो पाटे और बेलन पर हल्का-हल्का घी लगा लीजिए।
  • आप गोल गप्पे तलने के लिए, घी की जगह कोई भी oil, use कर सकते हैं।
गोल गप्पे के साथ बनने वाली सभी चीजों के लिए, click करें.... Gol Gappe