Monday, 5 July 2021

Article : वाह ये हिन्दुस्तान!

 वाह ये हिन्दुस्तान!




अपने हिन्दुस्तान की भी हम क्या तारीफ़ करें। जहाँ किसी के किये हुए काम का आंकलन किस प्रकार से किया जाता है, भगवान ही जाने!

राहत इंदौरी, मुनव्वर राना, आमिर खान, नसीरुद्दीन शाह, जावेद अख्तर, आदि... जैसे लोगों को, जो देश के विरुद्ध बोलते हैं, उन्हें सिर-माथे बैठाया जाता है।

जो नेता, दुनिया भर के घोटाले करते हैं, उनके लिए कोई प्रश्न नहीं उठाते हैं।

और जो देश हित में कार्यरत हैं, उन पर प्रश्नों की झड़ी लगा दी जाती है। 

फिर वो चाहे, मोदी-योगी हों, टाटा-अम्बानी हों, सोनू सूद- अक्षय हों या इनके जैसे और बहुत से अच्छे लोग हों....

प्रदेश और देश के संवरे हुए स्वरुप तो खुद गवाही दे रहे हैं कि कौन क्या कर रहा है। विकास पहले क्या था और अब क्या है। फिर इस तरह का भेदभाव क्यों? 

हाँ, अगर आप के देखने का नजरिया यह है कि, मेरा कितना फायदा हुआ है तो अलग बात है। 

पर जब तक हमारी सोच संकीर्ण रहेगी,  तब तक देश का विकास किस तरह संभव है? 

तो हमें अपने लाभ से थोड़ा सा ऊपर तो उठना ही होगा। 

साथ ही ऐसे लोगों, जो देश के विरुद्ध बोलते हैं, उनके प्रति कानून को सख्त नियम लागू करने चाहिए। जिससे कोई भी देश के विरुद्ध बोलने से पहले दस बार सोचे।

और साथ ही हम लोगों को भी ऐसे लोगों का पुरजोर विरोध करना चाहिए।

ऐसे व्यक्ति कलाकार तो हो ही नहीं सकते हैं, जो देश की अखंडता पर प्रश्नचिह्न लगाते हैं। और अगर ऐसे कोई कलाकार हैं तो वह हमें पसंद नहीं हैं। 

अभिव्यक्ति की आजादी का यह मतलब कतई नहीं होना चाहिए कि कोई भी व्यक्ति, चाहे वो कोई भी हो, वो देश के सम्मान को ठेस पहुंचा सकता है।

अब तो ऐसे लोगों को सिर माथे से उतार कर, इनको इनकी सही जगह दिखानी ही चाहिए।

Saturday, 3 July 2021

Recipe : Kathal Biryani

गर्मी के दिनों में, tasty dish बनाना कठिन होता है। फिर अगर आप vegetarian हैं तो यह मुश्किल और बढ़ जाती है।

पर जब आप Shades of Life से जुड़े हैं तो, आप को परेशान तो हम बिल्कुल भी नहीं होने देंगे।

तो चलिए आज आप के लिए एक ऐसी recipe share कर देते हैं, जिसे खाकर आप उंगलियांँ चाटते रह जाएंगे।

गर्मियों में कटहल, एक खास सब्जी होती है, चलिए उसे कुछ और खास बनाते हैं। 

आज हम आपके लिए कटहल बिरयानी की recipe लेकर आए हैं।


 कटहल बिरयानी 




Ingredients

Jackfruit - 500 gm.

Rice - 250 gm. 

Salt - as per taste

Garam Masala powder - ¼tsp.

Red chilli powder - as per taste

Onion - 4 medium size 

Tomato - 1 big size

Garlic - 4 to 5 pods 

Ginger - ½ Inch

Curd - 1 ½ tbsp.

Green cardamom - 1

Cinnamon stick - ¼ inch 

Clove - 2

Saffron threads - 2

Milk - 2 tbsp.

Black pepper - 3 to 4 kernels 

Chat masala - 1 ½ tbsp.

Ghee - 3 tbsp.

Oil - for frying 

Method -

दूध में केसर के धागे भिगो दें।

 Rice preparation

  1. Rice को अच्छे से wash करके आधे घंटे के लिए soak करने के लिए रख दीजिए।
  2. Soaked rice में ¼ tsp. salt व whole garam masala डाल दीजिए। 
  3. Rice को al dente  होने तक steam कर लीजिए।

कटहल मसाला preparation

  1. कटहल को छीलकर, उसके बीज हटा दीजिए और उसके ½ inch के blocks काट लीजिए।
  2. कटहल को pressure cooker में डाल दीजिए।
  3. Pressure cooker में इतना पानी डाल दीजिए कि कटहल हल्का सा डूब जाए। इसमें ¼ tsp salt डालकर 2 whistle high flame पर और 1 whistle slow flame पर दें दीजिए। 
  4. Pressure down होने पर extra पानी drain out कर लीजिए।
  5. 2 onion के लम्बे, पतले julienne काट लीजिए। बाकी 2 onion and tomato को finely chop कर लीजिए। 
  6. Ginger garlic paste, prepare कर लीजिए।
  7. 1 wok लीजिए, उसमें oil डालकर गर्म कर लीजिए।
  8. तेल गरम हो जाने पर उसमें onion julienne डालकर golden brown fry कर के निकाल लीजिए।
  9. फिर उसमें कटहल डालकर golden brown fry कर के निकाल लीजिए।
  10. अब इस wok में सिर्फ 1 tbsp. oil छोड़कर बाकी निकाल लीजिए।
  11. इस oil में chopped onion डालकर sauté कर लीजिए।
  12.  अब इसमें टमाटर डालकर गलने तक पकाएं।
  13. अब इसमें, नमक, गर्म मसाला पाउडर, लाल मिर्च पाउडर डालकर अच्छे से भून लें।
  14. अब दही add कर के भून लीजिए। जब मसाला, oil छोड़ने लगे तो उसमें fried कटहल डालकर भून लें। 
  15. अब इसे ढक-कर 5 minutes के लिए slow flame पर पका लें।

Assembling

  1. एक glass bowl में rice की एक layer, फिर कटहल मसाला की layer, उस पर चारों तरफ 1 tbsp घी डाल दें, फिर fried onion julienne, व चाट मसाला पाउडर छिड़क दें। 
  2. अब ऐसे ही rice और कटहल मसाला के साथ सब की layer बनाते जाएं। 
  3.  3 to 4 layers बन जाएंगी।
  4. सबसे आखिर में केसर दूध डाल दीजिए।
  5. अब bowl पर plate ढक दीजिए। 
  6. अब इस Bowl को microwave oven में रखकर 5 minutes  के लिए microwave कर लीजिए।

Aromatic and tasty kathal biryani is ready to serve.

You can serve it with Raw mango and mint ki chutney , Burani raita and mirchi ka salan.

चलिए अब कुछ tips and tricks भी बता देते हैं, जिससे आप की बिरयानी बहुत ही लज्जतदार बने।

Tips and Tricks


  • कटहल के बीज जरुर से निकाल दीजिए, जिससे बीज बिरयानी के मजे को बार-बार रोके नहीं।
  • कटहल ऐसा लीजिए, जिसमें रेशा अच्छे से हो।
  • Rice, बासमती ही लीजिए, जिससे बिरयानी देखने में भी खूबसूरत लगे।
  • Rice में एक कनकी जरुर से छोड़ें, नहीं तो जब आप बाद में microwave करेंगे तो rice खिला-खिला नहीं रहेगा।
  • बिरयानी की layer में घी जरुर डालियेगा, इससे बिरयानी खिली-खिली बनती है, साथ ही घी से बिरयानी का स्वाद दोगुना बढ जाता है।
  • आप चाट मसाले की जगह बिरयानी मसाला पाउडर भी डाल सकते हैं।
  • Rice में salt जरुर से डालकर steam कीजिए, वरना rice फीका-फीका लगेगा।
  • आप rice और कटहल steam करते समय salt डाल रहें हैं। और layer में भी चाट मसाला पाउडर या बिरयानी मसाला पाउडर डाल रहे हैं। इसलिए जब कटहल मसाला बना रहे हों तो नमक का अंदाज सही रखिएगा।
  • Fried onion julienne की layer बिरयानी की जान होती है, उसे डालना ना भूलें ‌। 
  • आप mint leaves भी layer में डाल सकते हैं।
  • कटहल को मसाले में डालकर 5 minutes तक, slow flame पर जरुर से पकाएं, जिससे कटहल मसाले को अच्छे से absorb कर सके।
  • अगर आप के पास microwave oven नहीं है तो आप layer को भगौने में बनाकर plate से ढक-कर तवे पर रखकर दम दे सकते हैं। 
  • तवे को 5 minutes slow flame पर रखना होगा। साथ ही तवे पर 2 tbsp. पानी डाल दीजिए।

तो आज ही बनाएँँ और शान से कहें - 

"बिरयानी खाने का शौक तो हम भी रखते हैं, बशर्ते उसमें किसी मासूम का खून नहीं बहा हो"।

Thursday, 1 July 2021

Short story : डाॅक्टर साहब

 डाॅक्टर साहब 



चन्दन, अपने बाबू जी "दीनानाथ" का अकेला बेटा था। जब वो छह साल का था, माँ तब ही इस दुनिया से विदा हो चुकी थीं।

दीनानाथ जी साधारण सी नौकरी करते थे। जिसमें जीवन यापन हो पाना ही संभव था। ऐसे में पढ़ना-लिखना तो सोचना भी कठिन था।

पर वो अपने लिए कुछ नहीं खरीदते थे, आधा पेट भोजन व पुराना कपड़ा वषों चला कर भी चन्दन को पढ़ा-लिखा रहे थे।

उनकी केवल एक ही इच्छा थी कि चन्दन, एक बड़ा डाॅक्टर साहब बने। 

चंदन भी पढ़ने में बहुत होशियार था। वो भी अपने बाबू जी की इच्छा पूरी करने के लिए दिन-रात मेहनत कर रहा था।

उसकी मेहनत और लगन से उसका medical में selection हो गया।

चंद सालों में उसकी पढ़ाई पूरी हो गई और वो डाॅक्टर भी बन गया।

जल्द ही उसकी अच्छी practice चलने लगी। तो उसने घर में ही clinic खोल ली। 

लोगों की दिनभर भीड़ लगी रहती।

चंदन जब तक patient देखता, बाबू जी छत पर टहलते रहते।

एक दिन एक गरीब किसान,‌‌ चन्दन की clinic पर आया। बोला डॉक्टर साहब, मेरी बीवी बहुत बीमार है, कृपया घर चलकर उसे देख लीजिए।

चंदन बोला, मैं घर नहीं जाता हूँ, यहीं लाओ।

वो बोला, यहाँ कैसे लाऊं, मेरे पास रिक्शा भाड़ा का पैसा नहीं है। आप नहीं चले तो वह मर जाएगी। 

आपकी फीस का पैसा भी, मैं फसल कटने पर दूंगा।

अब तो चन्दन कसकर भड़क गया, फीस के पैसे हैं नहीं, जान‌ बचानी है। चल भाग यहाँ से, ना जाने कहाँ से आ जाते हैं भूखे नंगे।

अभी वो चिल्ला ही रहा था कि बाबूजी, नीचे आ गये और किसान से बोले, तुम अपना पता मुझे लिखवाओ और घर जाओ। डाॅक्टर साहब अभी पहुंचते हैं। 

किसान के जाते ही बाबू जी ने रौद्र रूप धारण कर लिया और अपनी चप्पल हाथों में उठा ली।

चंदन तू अभी जा रहा है या बताऊं?

बाबूजी का रौद्र रूप देखकर चंदन डर गया, उसने उनका ऐसा रुप कभी नहीं देखा था।

जी, चला जाऊंगा पर फीस?

चुप रह.....

मैंने तुझे रक्षक बनाने के लिए डाॅक्टर बनाया था, फीस के लिए नहीं।

डाॅक्टर रुपए कमाकर डाॅक्टर साहब नहीं बनते हैं, बल्कि रक्षक बनकर डाॅक्टर साहब बनते है।

तेरे जैसी सोच वाले डॉक्टर, रक्षक नहीं भक्षक होते हैं। तुझे पैसे चाहिए? तो मुझसे लेकर जा। पर उसे ठीक कर के आ। 

आज उसकी बीवी मर गई तो मुझे लगेगा कि तेरी माँ, एक बार फिर मर गई है। यह कहकर वो फफक-फफक कर रो पड़े।

काश मेरे पास पैसे होते, तो तेरी माँ भी बच जाती या वो डाॅक्टर भक्षक ना होता, रक्षक होता, तो आज तेरी माँ, हमारे साथ होती। 

आज चंदन ने पहली बार बाबू जी को रोते हुए देखा था। 

अपने पिता के दुःख से वो द्रवित हो गया, साथ ही उसे समझ आया था कि उसके पिता उसे क्यों डाॅक्टर बनाना चाहते थे। 

वो तुरंत ही किसान के घर चला गया, उसके प्रयासों से उसकी पत्नी बच गयी। किसान को वह कुछ पैसे भी दे आया। जिससे वह खाने-पीने का सामान और दवा खरीद सके।

उसके बाद चंदन ने कभी फीस की परवाह नहीं की। जो सामर्थ्यवान थे उनसे पैसा लेता था और जिनके पास पैसों का अभाव था, उन्हें free में देखता था। 

जब वो रक्षक बन गया था, तब से सही मायने में वो डाॅक्टर से डाॅक्टर साहब बन गया था।

Happy Doctor's Day 🏥👨‍⚕️👩‍⚕️