Wednesday, 19 June 2024

Article : Monsoon की दस्तक

आज कल सूर्य देव अपने प्रचंड परचम पर छाए हुए हैं, कुछ इस कदर की हर जगह गर्म तवे-सी प्रतीत हो रही है। 

Temperature, half century करने को आमादा है...

ना बाहर चैन है, ना घर में आराम है। बस टसटसाता पसीना और प्यास से बेहाल लोग...

पंखा, कूलर, AC, सब धराशाई हो रहे हैं और बिजली का बिल, वो तो आसमान छू रहा है।

सब त्राहिमाम-त्राहिमाम चिल्ला रहे हैं...

Monsoon की दस्तक

ऐसे में सबको बस इंद्र देव का ही सहारा है। 

तो चलिए आप को राहत देने के लिए बता दें कि monsoon 8 जून को बंगाल में पहुंच गया था, पर वहीं रुका रहा। 

18 जून को इसने बिहार border को cross किया है। इससे बिहार के किशनगंज में बारिश हुई। किशनगंज की यूपी border से दूरी 550 किलोमीटर से ज्यादा है।

थार से आ रही गर्म हवाओं ने इसे आगे नहीं बढ़ने दिया था। पर अच्छी बात यह है कि अब monsoon आगे बढ़ गया है। यह बिहार में प्रवेश कर गया। और संभावना की जा रही है कि 20 से 28 June तक पूरी तरह उत्तर प्रदेश और दिल्ली में भी आ जाएगा।

या यह तेज़ चलती हुई हवाएं, अंधड़ और तूफ़ान कह रहा है कि आ‌ जाएगा क्या, मैं तो super express की रफ़्तार से आ ही गया।

तो हे प्रभु, आप की असीम कृपा हो जाए और यह तेज़ चलती हुई हवाएं, monsoon का पैगाम लेकर ही आएं।

क्योंकि अमीर इंसान तो पंखे, कूलर और AC में रहकर फिर भी राहत पा लेता है, पर गरीब-बेसहारा लोग, पेड़-पौधे, पशु-पक्षी और खेत-खलिहान यह सब गर्मी की तपिश से बेहाल हो गए हैं।


ऐ बूंद तू बरस,

कि बहार आ जाए।

ऐ बिजली तू चमक,

कि करार आ जाए।

कब की प्यासी धरती,

पुकार रही है। 

Monsoon तुझे, 

आ जा झूम के, 

कि प्रकृति फिर से,

गुलज़ार हो जाए…

Tuesday, 18 June 2024

Short Story : Clone

Clone

रविना बहुत ही खूबसूरत थी, हर जगह उसकी खूबसूरती के चर्चे थे, पर उसकी शादी बहुत ही साधारण से दिखने वाले लड़के, ऋतिक से हुई।

रविना को‌ ऋतिक सिर-आंखों पर रखता था, और रविना उसके प्यार से निहाल थी। कभी भी उसने ऋतिक को हिकारत भरी नज़रों से नहीं देखा।

हां, जब वह कहीं बाहर जाते तो, यह जुमला ऋतिक को अक्सर सुनने को मिल जाता कि "लंगूर के हाथ अंगूर", ऋतिक तिलमिला कर रह जाता, पर सच्चाई तो यही थी।

कभी-कभी वो यह सोच कर भी अफसोस करता कि रविना को‌ उससे बेहतर जीवन साथी भी मिल सकता था। उसकी ना तो ढंकी शक्ल है, ना ही कोई status.

पर रविना हमेशा कहती, मुझे तुम जैसे हो, वैसे ही बहुत अच्छे लगते हो।

जीवन सुकून से चल रहा था। शादी के दो साल बाद रविना pregnant हो गई।

Pregnancy के तीन महीने बाद से ही ऋतिक के सुर बदलने लगे।

ऋतिक ने पूरे घर में खूब सारे रविना के फोटो, कुछ heroes के फोटो लगा दिए।

यहां तक तो समझ आया। पर उसने अपने सारे फोटो छिपा दिए, जो फोटो उसके रविना के साथ थे, उन्हें मोड़ दिया।

और हद तो तब हो गई, जब उसने रविना से मुंह फेर कर सोना शुरू कर दिया, और रविना के उसके नज़दीक आने पर बहाना बनाकर पलट जाता।

रविना, ऋतिक के इस रवैए से परेशान रहने लगी। जो ऋतिक उस पर जान छिड़कता था, वो अब पराया-सा व्यवहार क्यों करने लगा?

जब उसे उसके साथ की सबसे ज़्यादा ज़रूरत है, तो वो कटा-कटा सा क्यों रहने लगा है?

क्या उसके pregnancy से बढ़ते हुए मोटापे के कारण? 

क्या अब वो पहली-सी सुंदर नहीं रही?

पर जवाब उसे कुछ नहीं मिल रहा था।

एक दिन सुबह उठकर, वो खूब जोर-जोर से रोने लगी।

रविना को रोता देखकर ऋतिक उसके पास दौड़ा चला आया, और रोने का कारण पूछा…

रविना बिना कुछ बताए, बस रोती जा रही थी।

ऋतिक दुखी हो गया, क्योंकि वो कभी रविना की आंखों में आंसू नहीं देख सकता था। वो वहीं पर बैठा‌, बराबर रोने का कारण पूछता रहा…

थोड़ी देर बाद रविना ने कहा, तुम मुझसे प्यार नहीं करते हो…

यह क्या कह रही हो, मैं मर जाऊंगा, जिस दिन तुम से प्यार करना छोड़ दूंगा।

तो तुम ऐसे कटे-कटे क्यों रहने लगे हो?

नहीं रविना, ऐसा कुछ नहीं है... मैं बस अपनी छाया अपने बच्चे पर पड़ने नहीं देना चाहता हूं।

मैं चाहता हूं, अगर लड़की हो तो, वो तुम्हारी तरह खूबसूरत और अगर लड़का हो तो Hero जैसा smart हो।

नहीं ऋतिक, मैं नहीं चाहती कि हमारा बच्चा तुम्हारे जैसा हो…

वही तो… ऋतिक ने मायूस होकर, प्रश्नवाचक दृष्टि से रविना को‌ देखा 

हां ऋतिक, मैं नहीं चाहती कि हमारा बच्चा तुम्हारे जैसा हो, लेकिन तुम मायूस ना हो, क्योंकि मैं अपने जैसा बच्चा भी नहीं चाहती हूं…

पर क्यों? अब ऋतिक आश्चर्यचकित होते हुए बोला…

और मैं यह भी नहीं चाहती कि हमारा बच्चा, किसी भी hero की तरह हो…

अरे! तो तुम चाहती क्या हो? ऋतिक झुंझलाते हुए बोला…

मैं चाहती हूं कि हमारा बच्चा, किसी का clone ना हो, उसकी अपनी एक हस्ती हो, अपना एक व्यक्तित्व हो…

रविना की बात से ऋतिक सहमत हो गया और प्रसन्न भी…

सभी लोग बच्चे के होने पर ऐसे ही खूबसूरत pics लगाते हैं, इसलिए मैं भी ले आया…

पर तुम सही कहती हो, बच्चे की अपनी हस्ती और अस्तित्व होना चाहिए, ना कि वो किसी का clone होना चाहिए।

अच्छा सुनो ऋतिक, तुम अपनी फोटो भी वापस लगा दो, साथ ही यह सारे heroes की pics हटा कर भगवान जी की फोटो लेते आना, जिससे हमारे बच्चे पर हर दम उनकी कृपा रहे।

और हां, एक और बात, जो मैं हमेशा कहती हूं, मुझे तुम जैसे हो, वैसे ही बहुत अच्छे लगते हो। 

कभी अपने को किसी से कम मत समझना…

ऋतिक की आंखों से प्रेम पूरित अश्रु धारा बह निकली…

वो बस एक ही बात सोच रहा था कि रविना जितनी खूबसूरत है, मन से भी उतनी ही सुन्दर और समझदार भी…

मेरी तो किस्मत खुल गई, जो मुझे ऐसी जीवन साथी मिली…

Sunday, 16 June 2024

Poem : You become the divine

Happy father's day ❤️ 💐

आज का दिन हर बच्चे की जिंदगी की वजह होती है या यूं कहें कि बच्चे के अस्तित्व की पहचान होती है।

पिता, एक ऐसा रिश्ता, जो हमारे जीवन को अस्तित्व, सुरक्षा और मार्गदर्शन प्रदान करता है। वो उतना ही जरूरी है, जैसे पौधे के लिए सूर्य... जिसकी तपिश से लग सकता है कि पौधा झुलस जाएगा, पर अगर सूरज ना हो तो पौधा पनप ही नहीं पाएगा।

इसी भाव को उकेरती, अद्वय की एक भावपूर्ण कविता...

इसके एक-एक शब्द को feel के साथ पढ़िएगा, आपको भी यही एहसास होगा, मानो यह आपके भी जीवन की सच्चाई है।

You become the divine

When the sun goes dark,

And even the stars don’t shine,

O dear father,

You become the divine. 


When my situation is the worst,

And even optimists resign, 

O dear father, 

You become the divine. 


When the hopes are lost, 

And the problems combine,

O dear father, 

You become the divine. 


When I score too poor, 

And my performances decline,

O dear father, 

You become the divine.


When I have no resources,

And I can only whine, 

O dear father, 

You become the divine.


When I become way too arrogant,

And think of myself as Einstein, 

O dear father, 

You become the divine.


When there is no positivity, 

And even the evils don’t confine,

O dear father, 

You become the divine.


When there’s chaos all around,

And my stars don’t intertwine,

O dear father, 

You become the divine.