Thursday, 9 January 2025

Poem : हर ओर धुंध

हर ओर धुंध


हर ओर धुंध, और

कोहरा-सा है।


शरद की

कंपकंपाती शीत में,

एक अनभिज्ञ

पहरा-सा है।


हाथ को हाथ

नहीं सुहाता है,

प्रभात हो चुका है,

फिर भी अंधेरा-सा है।


रवि अपनी रश्मि संग,

है अभ्र में आया,

पर तिमिर ढलेगा कब,

रहस्य यह गहरा-सा है।


न पक्षी का कलरव,

न वृक्षों में हलचल,

न नदियों में कल-कल, 

प्रकृति में मौन ठहरा-सा है।


हर ओर धुंध, और

कोहरा-सा है।

Tuesday, 7 January 2025

Short Story : खाली हाथ

खाली हाथ


एक बहुत ही सिद्ध गुरु जी थे। वो शहर-शहर, गांव-गांव जाकर लोगों में ईश्वर भक्ति का प्रचार-प्रसार किया करते थे। 

क्योंकि वो बहुत ज्ञानी भी थे, तो उनके पास लोग अपने कई तरह के प्रश्न भी पूछने के लिए आया करते थे। गुरु जी बड़े मनोयोग से उनके पूछे हुए प्रश्नों के उत्तर दिया करते थे।

एक दिन उनके पास एक दस साल का बच्चा आया, और उसने बहुत ही सहज, किन्तु क्लिष्ट प्रश्न पूछे...

गुरु जी, मनुष्य खाली हाथ आता है और खाली हाथ ही लौट जाता है, क्यों?

और दूसरा प्रश्न यह है, कि जब खाली हाथ आए थे और खाली हाथ ही जाना है तो इतना परिश्रम करके धनार्जन क्यों करना है?

प्रश्न तो बहुत सहज थे, पर उसके उत्तर में गूढ़ रहस्य था, अतः गुरु जी ने कहा कि मैं तुम्हें बताता हूं, पर उसके पहले तुम यह समझो कि ईश्वर स्वयं नहीं आते हैं, किन्तु उन्होंने धरती को सुरक्षित और सम्पन्न करने के लिए एक रिश्ता बनाया है और वो रिश्ता है माता-पिता का....

तो तुम्हारा पहला प्रश्न कि हम खाली हाथ आते हैं और खाली हाथ जाते हैं, क्यों?

तो उसका जवाब यह है, कि हमारे जन्म लेने से पहले ही हमारे मां-पापा, हमारे जीवन से जुड़े सभी कार्य को सुचारू रूप से चलाने के लिए धनार्जन करते हैं। अत: हमें कुछ भी लेकर आने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि ईश्वर ने हमारे जन्म लेने से पहले ही हमें सुरक्षित हाथों में सौंप दिया होता है, सब तरह की व्यवस्था के साथ...

और खाली हाथ इसलिए जाते हैं, क्योंकि ईश्वर के पास पहुंचने के पश्चात् हमें किसी भी तरह की व्यवस्था की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि उनके पास हर चीज़ के इतने साधन है कि किसी भी और को कुछ लाने की जरूरत ही नहीं है।

अब बात दूसरी है कि जब खाली हाथ आते हैं और खाली हाथ ही जाते हैं, तो इतनी मेहनत करके धनार्जन क्यों करना है?

तो उसका जवाब यह है, कि जिस तरह से तुम्हारे मां-पापा ने तुम्हारे जन्म से पहले मेहनत से धनार्जन करके जीवन को सुरक्षित किया था, वैसे ही तुम अपनी संतान के लिए करो।

जिससे पीढ़ी दर पीढ़ी कुल सुचारू रूप से चल सके, धरती पर भी जीवन सुगमता पूर्वक व्यतीत किया जा सके।

ईश्वर के द्वारा बनाई गई सृष्टि सुचारु रूप से चल सके। 

बाकी इंसान आता खाली हाथ है, पर जाता खाली हाथ नहीं है, जो मेहनत और ईमानदारी से कर्म करता है, वो अपने संग अपनों की संतुष्टि और प्रेम लेकर जाता है।

और जो जीवन पर्यन्त कामचोरी करता है, नकारा रहता है, वो अपने संग अपनों की असंतुष्टी और घृणा लेकर जाता है।

और यह बात भी पूर्णत: सत्य है कि जो मनुष्य अपने कर्म पूर्ण ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा के साथ करता है, बस वही ईश्वर के श्रीचरणों में स्थान प्राप्त करता है।

इसीलिए, यह सोच कर कि खाली हाथ ही तो जाना है, इतनी मेहनत क्यों करनी... ऐसा बिल्कुल न करना, बल्कि मेहनत और ईमानदारी से कर्म करना, वही मोक्ष का द्वार है, बस इतना ध्यान जरूर रखना चाहिए कि धनार्जन करने में झूठ, छल, कपट, आदि नहीं होना चाहिए, ऐसा कोई कार्य नहीं होना चाहिए, जिससे किसी और की कुछ हानि हो या दिल दुखे...

Monday, 6 January 2025

Superstition : आँखों का फड़कना

आज एक ऐसे topic पर लिख रहे हैं, जिसको अधिकतर लोग superstition के रूप में न लेकर वास्तविक रूप में अधिक लेते हैं।

और वो बात है, आँखों का फड़कना (twitching)... आपका क्या सोचना है, इस बात को लेकर...

अच्छा, एक बात और है कि आंख कौन सी फड़क रही है, और किस की, मसलन gents की या ladies की, इससे पूरी बात ही बदल जाती है।‌

धारणा के मुताबिक, left अंग फड़कना ladies का और right अंग फड़कना gents का अच्छा माना जाता है।

तो चलिए, जो धारणा चली आ रही है, आँखों के फड़कने की, पहले उसे ही देख लेते हैं।

आँखों का फड़कना



1) पुरुषों की बाईं आँख फड़कना :

पुरुषों में left आँख का फड़कना अशुभ माना जाता है। इसका मतलब है कि किसी दुश्मन से लड़ाई हो सकती है या फिर future में कोई परेशानी बढ़ सकती है।

बाईं आँख फड़कने का मतलब tension, fear, शोक, लड़ाई आदि की ओर इशारा भी होता है।


2) महिलाओं की बाईं आँख फड़कना :

स्त्रियों में left आँख का फड़कना शुभ माना जाता है।

इसे शुभ समाचार, सुख, सौभाग्य, और धन लाभ का संकेत माना जाता है। इसके अलावा यह किसी नई चीज़ की शुरुआत, कोई नया सामान मिलना, किसी नए मेहमान का आना, present पर focus करना और past के बारे में बहुत ज़्यादा न सोचना जैसी बातों का भी संकेत हो सकता है।


3) महिलाओं की दाईं आँख फड़कना :

Right आँख का फड़कना महिलाओं के लिए अशुभ माना जाता है। इसका मतलब है कि उन्हें mental तनाव या health-related problem हो सकती है।


4) पुरुषों की बाईं आँख फड़कना :

पुरुषों के लिए right आँख का फड़कना अति शुभ माना जाता है, जिसका अर्थ है कि भविष्य में आपको धन लाभ होने वाला है। अगर पुरुषों की right आँख की upper eyelashes और eyebrows फड़कती हैं, तो माना जाता है कि उनके मन की सारी इच्छाएं पूरी हो जाती हैं और promotion व धन लाभ भी होता है।


यह तो हुई धारणा की बात...

अब जान लेते हैं, कि medically or scientifically, आँखों के फड़कने का क्या कारण है...


5) आँख फड़कने के वैज्ञानिक कारण :

  • Excessive screen time.
  • Lack of sleep.
  • Tension or anxiety.
  • Overconsumption of caffeine (coffee and tea).
  • Deficiency of vitamin B12 and D.
  • Fatigue.


आइए अब आप को बताते हैं कि अगर आंख फड़क रही है और आप उससे बहुत ज्यादा परेशान हैं तो क्या किया जाए, जिससे आप को आराम मिल‌ जाए...


6) आँख के फड़कने से आराम पाना : 

  • Resting the eyes.
  • Massaging the eyes.
  • Going for a walk.
  • Exercising.
  • Talking with relatives/friends.
  • Having a good sleep.
  • Reducing consumption of caffeine.
  • Stopping the consumption of alcohol, tobacco and cigarette.
  • Keeping the eyes half open.


आपको धारणा और scientific reason दोनों ही बता दिया है, अब आप को जो भी अच्छा लगे, उसके अनुसार करें 🙏🏻 

सुखी रहें, स्वस्थ रहें...


Note : अगर आंखें जोर-जोर से फड़क रही हैं, लाल हो रही हैं, या सूजन या पानी गिरने की शिकायत है, तो doctor से सलाह लें।