Thursday, 1 August 2019

Tip: Reducing sourness from curd

You must have experienced having sour curd, hadn't you? It ruins the taste of everything.
It then, generally gets wasted. So, I am here with a tip today, that will help you reduce the sour taste of the curd. And also, will make it creamy.

Reducing sourness from curd

  1. Take curd and discard the water(of the curd) from it.
  2. Take some fresh cream.
  3. Whip it with the curd.

Actually, the water is the main reason behind the sour taste. Therefore, discarding it will reduce the sour taste of curd and instead would make it creamy.

So, from now onwards, bid adieu to sour curd.

Wednesday, 31 July 2019

Article : हम जैसे भी हैं


हम जैसे भी हैं


कभी कभी मोदी, योगी, रामदेव इन सब को देखकर लगता है, कहाँ हम शादी -बच्चों के चक्कर में पड़ गए? हम भी इन झंझटों में ना फँसे होते तो आज हम भी बड़े काम और नाम वाले होते। 

क्यों, लगता है ना आपको भी कभी?

तो जनाब, हर कोई मोदी, योगी नहीं बनता है, इन्हें भी यहाँ तक पहुँचने में सालों का तप करना पड़ा है।

सफल तो शादीशुदा और परिवार वाले भी हुए हैं, टाटा, अंबानी, बच्चन, धोनी, सचिन। ये सभी शादीशुदा हैं, और इनके बच्चे भी हैं।

पर इनकी मेहनत भी इन्हें सफलता के मुकाम पर ले गयी।

सफलता दूसरों को कोसने या उन्हें किस्मत वाला मानने से नहीं मिलती है। ना ही अपने को बेचारा और बदकिस्मत मानने से मिलती है।

हम जैसे हैं, वैसे ही रहकर हमे मेहनत करनी होगी, वो भी सतत।

मेहनत तो लोग कर भी लेते हैं, पर सतत करते रहना, वो कठिन है। और हम से यही, नहीं हो पाता है।

वही कारण है, कि हम मोदी, रामदेव, बच्चन, धोनी, सचिन बनने से रह जाते हैं।

बाकी कोशिश इनके जैसा बनने की होनी भी नहीं चाहिए, क्योंकि कोई किसी के जैसा नहीं बन सकता। यहाँ तक कि आप अपने माँ- पापा जैसे नहीं बन सकते, तब किसी और जैसा बनने की कल्पना भी क्यों?

बनना है तो ऐसे बनिए, कि सब आप जैसे बनना चाहें। क्योंकि आप सफल भी तभी कहलाएंगे, जब आप किसी के जैसे ना बने हों, बल्कि सब आप जैसा बनना चाहें।

तो आप जैसे हो, कुँवारे, शादीशुदा, या अकेले रह गए हों। उससे सफल होने में, कोई अन्तर नहीं आता है। वैसे ही आगे बढ़ें, सफल बनें, संतुष्ट रहें। क्योंकि ईश्वर ने भी सबको एक ही काम के लिए नहीं भेजा है।

अपनी राह सबसे अलग बनाएँ, राह सुगम होगी, तो कारवाँ तो बन ही जाएगा।

Tuesday, 30 July 2019

Story Of Life : सावन का तोहफा(भाग- 4)




 सावन का तोहफा(भाग- 4)


दो दिन बाद, नितिन छत पर बारिश में भीगते हुए गा रहा था “लगी आज सावन की फिर वो झड़ी है.....   

तभी घंटी बजी, और चंद मिनटों बाद, नेहा के भैया, छत पर नितिन के सामने एक चिट्ठी ले कर खड़े थे। उन्होंने चिट्ठी नितिन को देते हुए बोला, ये तुम्हारी भाभी ने दी है।

चिट्ठी! नितिन ने आश्चर्य से भरकर चिट्ठी पढ़नी शुरू की, उसमें लिखा था, नितिन जी, आपको सावन का तोहफा भेज रही हूँ, पर इस वादे के साथ कि, आप भी हमें रक्षाबंधन में जरूर से तोहफा देंगे।

नितिन चिट्ठी पढ़कर भैया की तरफ आश्चर्य से देखने लगा, भैया तोहफा तो भाई, बहन को देते हैं, तब मैं क्यों दूंगा?

भैया बोले, अरे नितिन जी, आप नीचे चलकर अपना तोहफा देख लीजिये, फिर सोचिएगा क्या करना है?

नीचे नेहा अपनी सास के साथ बैठी थी, नेहा को देखते ही नितिन समझ गया, कि भाभी ने क्या लिखा है।

उसी रात ही नितिन ने बहुत ही सुंदर कमरा सजाया, नेहा को gown gift किया। song भी वही बज रहा था “मोहब्बत बरसा देना तू, सावन आया है.....

2 हफ्ते बाद वो नेहा के साथ, पहले अपनी बहन के घर, फिर अपने ससुराल गया, बहुत ही धूम से राखी मनाई गयी। नितिन ने भाभी से कहा, आपका सावन का तोहफा मैं जिंदगी भर नहीं भूलूँगा। “भाभी हो तो ऐसी”, नेहा ने नितिन के स्वर में स्वर मिलते हुए कहा। 

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