Sunday, 9 November 2025

Shaadi-Vivah Song : रात को आ गये चोर

शादी-विवाह से जुड़े रीति-रिवाजों के गीत साझा कर रहे हैं, उस श्रृंखला में हल्दी चढ़ने की रीति पर पहला गीत है- बन्नी तेरी हल्दी में

दूसरा गीत भात मांगने पर आधारित है- मेरे भैया चले आना 

तीसरा गीत, दुल्हन की मनमोहक रूप को पूर्ण करती हुई, मेंहदी पर आधारित है-मेंहदी रचने लगी हाथों में

शादी-विवाह में बन्ना, बन्नी और चुहलबाज़ी वाले गीत बहुत पसंद किए जाते हैं, और वैसा एक गाना हमने कल डाला भी था- बन्ना जी जरा जमके कमाना

तो प्रस्तुत है, चुहलबाज़ी और हंसीं मज़ाक़ से परिपूर्ण एक और गीत, जो पूरे माहौल को खुशनुमा बना देगा।

रात को आ गये चोर


रात को आ गये चोर 

बन्ने की दादी ले गए रे - 2

बन्ने की दादी बड़ी लड़ाकू 

डर गये सारे चोर डाकू 

सर को पकड़, रोए चोर

बन्ने की दादी दे गए रे


रात को आ गये चोर 

बन्ने की मम्मी ले गए रे - 2

बन्ने की मम्मी तगड़ी मोटी 

खा गई उनकी सारी रोटी 

भूखे मर गये चोर 

बन्ने की मम्मी दे गए रे 


रात को आ गये चोर 

बन्ने की ताई ले गए रे - 2

बन्ने की ताई बड़ी खर्चीली 

चोरों की हो गई जेबें ढीली 

कंगाल हो गये चोर 

बन्ने की ताई दे गए रे 


रात को आ गये चोर 

बन्ने की बहना ले गए रे - 2

बन्ने की बहना डिस्को नाचे

नाच नाच कर धरती को हिला दे

चक्कर खा गए चोर 

बन्ने की बहना दे गए रे 




Note : बन्ना-बन्नी के परिवार से नोंकझोंक गीत, आप जिस भी पक्ष के हैं, उसके अनुसार यह गीत गाया जा सकता है, जैसे अगर बन्नी पक्ष में हैं तो ऐसे ही और बन्ना पक्ष में हैं तो इसमें बन्ना की जगह बन्नी लगाकर गाया जाएगा।

Saturday, 8 November 2025

Shaadi-Vivah Song : बन्ना जी जरा जमके कमाना

शादी-विवाह से जुड़े रीति-रिवाजों के गीत साझा कर रहे हैं, उस श्रृंखला में हल्दी चढ़ने की रीति पर पहला गीत है- बन्नी तेरी हल्दी में

दूसरा गीत भात मांगने पर आधारित है- मेरे भैया चले आना 

तीसरा गीत, दुल्हन की मनमोहक रुप को पूर्ण करती हुई, मेंहदी पर आधारित है- मेंहदी रचने लगी हाथों में

शादी-विवाह में बन्ना, बन्नी और चुहलबाज़ी वाले गीत बहुत पसंद किए जाते हैं।

तो चलिए कुछ गीत बन्ना-बन्नी के नाम… 

आज की बन्नी की क्या demand है बन्ना जी से, आज गीत द्वारा उसी को साझा कर रहे हैं।

तो सारे कुंवारे, इस गाने को ध्यानपूर्वक सुनें, और प्रयास करें, अपनी होने वाली वधू को प्रसन्न रखने का...

बन्ना जी जरा जमके कमाना


आया महंगाई का ज़माना,

बन्ना जी जरा जमके कमाना।


दाल और रोटी का गुजारा जमाना,

पिज्जा-बर्गर है खाना।

बन्ना जी जरा जमके कमाना।


आया महंगाई का जमाना 

बन्ना जी जरा जमके कमाना 


हल्दी और उबटन का गुजारा जमाना 

ब्यूटी पार्लर हैं जाना 

बन्ना जी जरा जमके कमाना 


आया महंगाई का जमाना 

बन्ना जी जरा जमके कमाना 


साड़ी और कुर्ते का गुजारा जमाना 

जीन्स टी-शर्ट ही पहनना 

बन्ना जी जरा जमके कमाना 


आया महंगाई का जमाना 

बन्ना जी जरा जमके कमाना

 

बाइक और कार का गुजारा जमाना 

ऐरोप्लेन में बैठाना 

बन्ना जी जरा जमके कमाना 


आया महंगाई का जमाना 

बन्ना जी जरा जमके कमाना


चिठ्ठी और तार का गुजारा जमाना 

आइफोन दिलाना 

बन्ना जी जरा जमके कमाना 


आया महंगाई का जमाना 

बन्ना जी जरा जमके कमाना


Friday, 7 November 2025

Shaadi-Vivah Songs : मेहंदी रचने लगी हाथों में

शादी-विवाह से जुड़े रीति-रिवाजों के गीत साझा कर रहे हैं, उस श्रृंखला में हल्दी चढ़ने की रीति पर पहला गीत था- बन्नी तेरी हल्दी में

दूसरा गीत भात मांगने पर आधारित है, मेरे भैया चले आना

शादी के शुभ कार्य में मेंहदी का विशेष महत्व है, या यूं कहें कि मेंहदी से सजे हुए हाथ पैर, वधू के सौंदर्य को पूर्ण करते हैं।

आज का यह खूबसूरत गीत मेहंदी रचने वाली शाम में गाया व बजाया जाए, तो रौनक दोगुनी हो जाएगी।

मेहंदी रचने लगी हाथों में



मेहंदी रचने लगी हाथों में, बन्ने के नाम की

मेहंदी रचने लगी हाथों में, बन्ने के नाम की 


आई शुभ घड़ी देखो, मेरे आँगन आज जी


बाजे-बाजे रे शहनाई, पिया तेरे नाम की

बाजे-बाजे रे शहनाई, पिया तेरे नाम की


आई शुभ घड़ी देखो, मेरे आँगन आज जी


मेहंदी रचेगी गहरी, प्यार गहरा होगा

मेहंदी रचेगी गहरी, प्यार गहरा होगा

लाल-ख़ुशहाल रंग, संग तेरे होगा

लाल-ख़ुशहाल रंग, संग तेरे होगा


मेहंदी रची है गहरी सी, बन्ना तेरे नाम की 

मेहंदी रची है गहरी सी, बन्ना तेरे नाम की 


आई शुभ घड़ी देखो, मेरे आँगन आज जी


भूल ना जाना हमें, जा के ससुराल तू

भूल ना जाना हमें, जा के ससुराल तू

तड़पेगी ममता मेरी, आएगी याद तू

तड़पेगी ममता मेरी, आएगी याद तू

बिछिया बाजे, पायल छनकी, बन्ना के नाम की

बिछिया बाजे, पायल छनकी, बन्ना के नाम की


आई शुभ घड़ी देखो, मेरे आँगन आज जी


मेहंदी में नाम, हमने जिसका लिखा है

मेहंदी में नाम, हमने जिसका लिखा है

पढ़ के बताओ जी, किसका लिखा है

पढ़ के बताओ जी, किसका लिखा है

गोरे हाथों में रची है, प्रीत तेरे नाम की

गोरे हाथों में रची है, प्रीत तेरे नाम की


आई शुभ घड़ी देखो, मेरे आँगन आज जी

आई शुभ घड़ी देखो, मेरे आँगन आज जी