Article- AI Boon or Bane को बहुत पसंद किया गया है, अगर आप ने नहीं पढ़ा है तो click करके पढ़ सकते हैं- https://shadesoflife18.blogspot.com/2026/09/article-ai-boon-or-bane.html?m=1
आज उसके आगे की बात करेंगे हम, कि अगर हमने इस ओर ध्यान नहीं दिया तो क्या-क्या हो सकता है।
आपको title पढ़कर लगा होगा कि इसका क्या मतलब है, जातियों को लेकर वैसे ही काफी reservations हैं, फिर आखिर यह क्या बला है?
पर आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यह कोई बला नहीं है, बल्कि लापरवाही रखी गई तो शीघ्र ही व अवश्य ही यह हम सबका भविष्य होगा…
जिस तरह से AI tools, chatbots, और Generative AI का use किया जा रहा है, तो वो दिन दूर नहीं जब लोगों का न तो दिमाग काम करेगा, न मेहनत करने की इच्छा होगी, न उनमें creativity की क्षमता होगी, न काम में novelty, न originality।
फिर क्या लगता है आपको, ऐसे लोगों को jobs मिलेंगी? बिल्कुल नहीं मिलेंगी, कौन रखेगा नकारा और नाकाम लोगों को? यूँ कोई अपनी कमाई व्यर्थ के लोगों पर जाया नहीं करेगा।
फिर आज AI chatbots को initiate करने के लिए हमारी requirements हैं, आगे वो भी नहीं होंगी। हम इन पर dependent होते जाएंगे और ये उतने ही independent.
तब jobs के लिए reservation जातिगत नहीं, बल्कि इंसानों के लिए मांगना होगा। तब reservations के लिए मांग ऐसी होगी कि “इतने % humans employees” होने ही चाहिए।
अगर आप अपने बच्चों के लिए ऐसा भविष्य नहीं चाहते हैं, तो उन्हें encourage कीजिए कि वो AI help लें, guidance लें पर नकल न करें, उन पर dependent न हों। अपने काम को वो अपनी skill और अपनी creativity से complete करें।
उनको अपना assistant बनाएँ, उनके slaves न बन जाएँ। इतिहास गवाह रहा है, जब-जब slaves को overpower किया गया, system corrupt अवश्य हुआ है।
फिर AI तो इतने अधिक powerful होते हैं, कि अगर यह overpower हो गये, तो विनाश को कोई नहीं रोक सकता है।
अपनी creativity, novelty, originality को मरने मत दीजिए, क्योंकि इंसान ईश्वर की बनाई कृति है, और इंसान जब तक अपनी शक्ति को जागृत रखेगा, उसका मुकाबला संसार में कोई नहीं कर सकता है।
और एक बात ध्यान रखिएगा, कि आपको जो यह AI super intelligent, skillful, prompt, creative और perfect लग रहें हैं, उसके पीछे भी एक इंसान की ही intelligence, creativity, skills, knowledge और experience ही है।
मतलब AI के ऊपर इंसान था और रहना भी चाहिए। अगर यह सोच रखेंगे तो इंसान हमेशा सफल रहेगा और वैसे भी reservations जिसको मिलता है, वो खोखला और कमजोर होता जाता है।
इसलिए विकास के लिए reservations हर ओर से ख़त्म हो जाना चाहिए, न humans के लिए और न अलग-अलग जातियों के लिए।
देश का विकास, समाज का विकास, जाति का विकास, व्यक्ति का विकास, तभी हो संभव, जब सफलता की राह उसे अपनी मेहनत और क्षमता से मिले न कि किसी reservations के कारण।
जय हिन्द, जय भारत!

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