Thursday, 5 August 2021

Story of Life : हसीन मुलाकात (भाग -2)

 हसीन मुलाकात (भाग -1) के आगे...

हसीन मुलाकात (भाग -2)


Office पहुँच कर भी दिल जनाब के अंदाज ना बदले। आज office में काम कुछ कम था, तो जल्दी खत्म हो गया। सब अपना-अपना बोरिया बिस्तर समेटने लगे। पर हम आराम से बैठे हुए थे। 

Friends पूछने लगे, यार अमन, घर नहीं जाना है?

अब उन्हें कौन बताए कि दिल जनाब बांवरे हो गये हैं, 12 बजे के पहले घर के लिए प्रस्थान ही नहीं करेंगे।

खैर 12 बजे तक बेवजह का over time कर के घर चल दिया। आज पहली बार पैदल चलने में बहुत आनंद अनुभव हो रहा था। आज लग रहा था, मुझसे ज्यादा भाग्यशाली और कोई नहीं है..

रात कल सी ही थी, मतलब काले बादल और वैसा ही माहौल, बारिश की पड़ती बौछारें...बस इंतजार था, उस हसीना का।

पर यह क्या, अब तो घर बस 10 minute की दूरी पर था और वो हसीना... वो तो अभी तक दिखाई नहीं दी थी, दिल बैठा जा रहा था।

तभी ज़ोर से बिजली कड़की और साथ ही वो हसीना सामने थी।

उसे देख कर मन मयूर नाच उठा, और गाने लगा, 

एक लड़की भीगी भागी सी, सोती रातों में जागी सी, मिली एक अजनबी से, कोई आगे ना पीछे...

आज वो काले कपड़ों में थी, उसे देखकर लग रहा था कि ईश्वर ने उसे बहुत फुर्सत में तराशा है। आज से पहले मैंने इतनी खूबसूरत कोई लड़की नहीं देखी थी, शायद वो अप्सराओं से भी बहुत ज्यादा हसीन थी। मैं तो उसे देखकर पलकें झपकाना ही भूल जाता था।

आज तो वो भी मुझे देखकर हंस दी, शायद मेरा दीवानापन उसे भी समझ आ रहा होगा।

उसको हंसता देखकर, हम तो वहीं सड़क पर रपट गये। उसने मुझे उठने के लिए अपना हाथ दिया... 

उस समय तो लगा, हम भी किसी हीरो से कम नहीं हैं, और लगे गाना गाने, 

आज रपट जाएं तो हमें ना उठ्ठइयो, हमें जो उठ्ठइयो तो खुद भी रपट जइयो....

वो मेरा बेसुरा गाना सुनकर खिलखिला कर हंसने लगी, और बोली बड़े फिल्मी हो आप...

उसकी यह बात सुनकर मैंने झेंप कर मुंह नीचे कर लिया। पर जब मैंने फिर ऊपर देखा तो वो कहीं नहीं थी। 

आगे पढ़े, हसीन मुलाकात (भाग-3) में..

Wednesday, 4 August 2021

Story of Life : हसीन मुलाकात

अपने वादे के अनुसार, सावन के सौंदर्य से परिपूर्ण मौसम में एक बार फिर आप के लिए गीतों से सजी हुई कहानी लेकर आए हैं, हर बार की तरह इस बार भी कहानी को अपना स्नेह दीजिएगा..


हसीन मुलाकात




बरसात की काली स्याह अंधेरी रात, 12 बजे के ऊपर का समय रहा होगा। शायद अब तक तो आधी से ज्यादा दुनिया नींद के आगोश में जा चुकी होगी।

बरसात की रात होने के कारण, अजीब सा माहौल था, सन्नाटा तोड़ती, झिंगुर की झांय-झांय की आवाज, तो कभी, बीच-बीच में मेढ़क के टर्राने की आवाज।

तभी बचा-खुचा श्रेय तेजी से कड़कती बिजली की आवाज से पूरा हो गया।

सोच रहा था कि तेज़ क़दमों से चलते हुए, बारिश शुरू होने से पहले घर पहुंच...

पर मन का सोचा पूरा हो जाए, यह तो भाग्यशाली लोगों के साथ होता है। और भाग्य तो कितना बड़ा वाला था, यह तो आधी रात को पैदल घर आ रहा था, उससे ही पता चल रहा था।

बस घर जाने की पूरी बात सोच भी नहीं पाया था कि, मोटी-मोटी बूंदों ने टिप-टिप कर के गिरना शुरू कर दिया था।

मैं सबको कोसता हुआ आ रहा था कि अचानक कोई मुझ से टकराता है, हवा के झोंके के साथ ही उसके शरीर की भीनी खुशबू से मेरा रोम-रोम पुलकित हो उठा। पर वो है कौन यह मालूम नहीं पड़ रहा था।

और तभी अनायास बिजली कड़की, तो देखा बेहद बला की हसीन लड़की मेरे सामने थी। उसके दूधिया रंग पर उसके बालों की काली लट से टपकता पानी, बेहद दिलकश लग रहा था और बारिश से भीगा बदन, उसे और हसीन बना रहा था। 

कुछ क्षण तो मैं स्तब्ध सा उसे देखता ही रहा, पर अगले ही पल वो ओझल हो गई...

उसके जाने के बाद भी मेरे कदम आगे नहीं बढ़ रहे थे। पर वहाँ से तो वो कब की जा चुकी थी।

उसके ही ख्यालों में खोया हुआ मैं घर आ गया।

घर पहुंचने पर भी मन वहीं रुक गया था। और बस एक ही गीत गुनगुना रहा था,

एक अजनबी हसीना से यूं मुलाकात हो गई, फिर क्या हुआ यह ना पूछो, कुछ ऐसी बात हो गई.... 

सुबह हो गई, मैं जल्दी-जल्दी office जाने की तैयारी में लगा हुआ था और यह मन... यह तो जैसे बांवरा होकर निरा निक्कमा हो चला था। मैं physically जितना भड़भड़ा रहा था, mentally उतना ही उस हसीना के ख्यालों में खोया निष्क्रिय था। बस यह गाना मस्तिष्क पर हावी हो रहा था,

ज़िन्दगी भर नहीं भूलेगी वो बरसात की रात, एक अंजान हसीना से मुलाकात की रात...

आगे पढ़े, हसीन मुलाकात ( भाग -2)...

Tuesday, 3 August 2021

Article : गर्व है बेटियों पर

गर्व है बेटियों पर 


आज भारत का सीना सचमुच 56 inch का हो गया है, जब उसकी हौसले और जोश से भरपूर बेटियाँ Tokyo में आयोजित Olympic games में Medals जीत रही हैं। तिरंगे की आन, बान और शान बढ़ा रही हैं। 

फिर वो चाहे मीराबाई चानू हो, पी. वी सिधु, लवलीना बोरगोहेन हो या हाॅकी की सेमी-फाइनल में पहुंच चुकी, महिला हाॅकी टीम की रानी रामपाल सिंह, वंदना कटारिया, नेहा गोयल, सविता पूनिया, गुरजीत कौर, और इनके साथ ही अन्य महिला खिलाड़ी भी...

इन बेटियों ने यह केवल भारत को ही नहीं वरन् पूरे विश्व को दिखा दिया है कि उन्हें जिस भी क्षेत्र में आने का मौका मिलेगा, उस हर क्षेत्र में भारत का तिरंगा सर्वोच्च स्थान पर लहराएगा। 

इन बेटियों में कुछ तो गरीब परिवारों से भी हैं, जहाँ उचित रूप से खाने को नहीं मिलता है। वहाँ किसी क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर के सफलता के झंडे गाड़ देना, बहुत ही प्रेरणादायक है।

इस तरह से वो हमारे युवा वर्ग के लिए प्रेरणा स्रोत भी हैं कि सफलता पाने के लिए सभी परिस्थितियाँ आप के अनुरूप हों, यह आवश्यक नहीं है। किसी भी परिस्थिति को अपनी असफलताओं के लिए ढाल बनाने वाला कभी सफल नहीं हो सकता।

सफलता उनको मिलती है, जिनमें जोश हो, जज्बा हो, जुनून हो, लगन हो, कुछ कर गुजरने की इच्छा हो, अथक परिश्रम करने की काबिलियत हो। उनको सफल होने से कोई नहीं रोक सकता है, स्वयं ईश्वर उनको सफल बनने में मदद करते हैं। 

आप सभी भारतीय खिलाड़ियों को सम्पूर्ण भारत की तरफ से शत् शत् नमन। आप ऐसे ही सदैव हमारे देश को और अपना नाम पूरे विश्व में उज्जवल करते रहें।

आप के उज्जवल भविष्य के लिए हम सभी मंगल कामनाएँ कर रहे हैं।

तिरंगा ऊंचा ऊंचा करते जाना

सम्पूर्ण विश्व में भारत को विजयी बनाना 

ईश्वर की कृपा रहे सदा

तुम तिरंगे की आन और शान बढ़ाना।।  

🥇🥈🥉🇮🇳 जय हिन्द, जय नारी शक्ति 🇮🇳🥇🥈🥉