Friday, 25 April 2025

Article : Maid और चिक-चिक

Maid और चिक-चिक 



आज कल हर घर की जो common problem है, वो है Maid... और उनकी चिक-चिक...

इन लोगों के भाव और नखरे, आसमान छू रहे हैं। लेकिन इतने पैसे लेने के बावजूद यह काम मन के मुताबिक कर दें, यह भी जरूरी नहीं है। 

साथ ही आप इन्हें कितना भी दे दीजिए, कोई एहसान नहीं, पर इन्होंने एक काम ऊपर से कर दिया तो ऐसे करेंगी कि जैसे आपके ऊपर बहुत बड़ा उपकार कर दिया हो...

उस पर यह बड़े-बड़े हथकंडे कि, अमुख जगह से हमें यह मिला है, वो मिला है। मेरा तो पूरा घर भरा हुआ है उनके दिए गए सामानों से...

वहां के साहब और मेमसाब दोनों बहुत अच्छे हैं, मुझे कुछ नहीं कहते हैं, मुझे सिर आंखों पर बिठाते हैं। मेरा बहुत ध्यान रखते हैं।

मुझे कभी जमीन पर नहीं बैठने देते हैं, हमेशा, कुर्सी, सोफ़ा और बिस्तर पर बैठाते हैं। मेरे एक बार कुछ मांगने से तुरंत देते हैं।

Advance तो तुरंत ही देते हैं, कभी मना नहीं करते हैं, चाहे जितना भी लो। तनख्वाह से ज्यादा भी दे देते हैं। 

बहुत विश्वास करते हैं मुझ पर, पूरा घर मुझ पर छोड़ देते हैं...

आप इनके झांसे में न फंसे, क्योंकि अधिकांशतः यह एक की चार करके बताती हैं। 

जिसका मुख्य उद्देश्य आपसे advance के नाम पर पैसा एंठना, अपने काम को हल्का करना, अपनी मनमानी करना और आपके सिर पर चढ़कर तांडव करना मात्र है। 

इससे यह आप पर physiological pressure डालते हैं और आप भी यह सब सुन-सुनकर इनकी बहुत सी demand को पूरा करते रहते हैं।

ऐसा नहीं है कि आप उन्हें कुछ नहीं दें, बिल्कुल दीजिए...

आप अपनी स्वेच्छा से जो भी देना चाहें और करना चाहें, वही करें, इनके उकसाने या भड़काने से नहीं...

साथ ही यह भी याद रखिए कि आप जो कुछ भी कर रहे हैं, केवल अपनी संतुष्टि और सुख के लिए, क्योंकि आप कितना भी कुछ कर लें, उनके द्वारा, आपके सामने आपकी तारीफ़ बस क्षणिक होगी, हां दूसरों के सामने बहुत दिनों तक ढिंढोरा पीट सकते है। 

तो जब भी maid लगाएं, अपनी शर्तों पर, उनकी नहीं... और अगर वो बहुत ज्यादा चिक-चिक वाली हो तो दूसरी देख लीजिए। क्योंकि आप उन्हें जितना बर्दाश्त करेंगे, वो उतना ही आप पर हावी होती जाएंगी।  

खुश रहिए, सतर्क रहिए...


अगले article में डालेंगे कि जो लड़के-लड़कियां घर से दूर रहते हैं और maid रखते हैं, उन्हें क्या-क्या सावधानियां बरतनी चाहिए।

Thursday, 24 April 2025

Article : जाओ, मोदी को बता दो

जाओ, मोदी को बता दो


पहलगाम में होने वाले att*ck में मंजूनाथ को मारने वाले आतं*वादी ने उनकी पत्नी  पल्लवी को नहीं मारा...

उसके यह कहने पर भी नहीं मारा, कि जब मेरे पति को मार दिया है, तो मुझे भी मार दो...

तो आतं*वादी ने कहा, तुम्हें नहीं मारेंगे, जाओ कह दो मोदी को...

क्यों कहा गया ऐसा?

ऐसा तो नहीं है कि यह पहला attack था, उससे पहले भी कई आतं*वादी att*ck किए जा चुके हैं।

बहुत से प्रधानमंत्री के कार्यकाल में भी...

पर इस तरह से खुली चुनौती नहीं दी गई...

फिर अभी क्यों?

शायद इसीलिए कि उरी और पुलवामा जैसी Surgical Strike पहले कभी नही हुई...

शायद इस तरह से निर्दोष हिन्दुओं को मारकर और खुली चुनौती देकर वो भारत को डराने-धमकाने की कोशिश कर रहे हैं?

अब देखना यह है कि जिस तरह से मोदी सरकार आने के बाद आ*की हमलों पर लगाम कस दी गई थी। 

क्या वो अभी भी कायम हो पाएगी? 

क्या कश्मीर की वादियां और बाकी पूरा भारत फिर से सुरक्षित हो पाएगा?

जो भारत में पहले नहीं होता था, वो अब हो रहा है, और वो है BJP government से सुरक्षित करने की आस लगाना... 

जिनको मोदी जी को चुनें जाने की वजह समझ नहीं आती होगी, वो भी अभी सुरक्षा की आस लगाए मोदी जी को देख रहे होंगे...

शायद उन्हें भी समझ आ गया होगा कि सुरक्षित रहना, जीवन की प्राथमिकता है...

क्योंकि कहीं न कहीं सभी जानते हैं कि भारत अगर सुरक्षित रह सकता है तो तब तक, जब तक BJP government है... 

तो सभी अगर पूरे विश्वास के साथ मोदी जी का साथ देंगे तो देश की सुरक्षा अवश्य होगी...

आप देशवासियों की उम्मीदों का मान रखेंगे ना मोदी जी?...

Wednesday, 23 April 2025

Article : पहलगाम att*ck

पहलगाम Att*ck 




कश्मीर, जिसे धरती का स्वर्ग कहा जाता है, पर्यटकों को हमेशा से अपनी ओर आकर्षित करता रहा है। पर वो जितना खूबसूरत है उतना ही खतरनाक भी... 

क्योंकि वहां आए दिन Terr*rist attack होते‌ रहते हैं। इसलिए वहां जाने से पहले लोग दो बार सोचते ज़रूर है 

पर इधर कुछ सालों से कश्मीर में जाना उतना असुरक्षित नहीं था। कारण वहां शांति बहाल हो गई थी।

नतीजतन कश्मीर में पर्यटकों की संख्या बहुत तेजी से बढ़ने लगी है। 

पर कल पहलगाम में हुए att*ck ने एक बार फिर से सबको हिला कर रख दिया।

बात तब और संवेदनशील हो जाती है, जब सुनने को यह मिल रहा है कि लोगों के नाम और धर्म जानने के बाद गोली मारी गई।

मतलब सब कुछ बहुत सोच समझ कर किया गया है, Target केवल हिन्दू थे। 

उनसे उनका नाम और धर्म पूछा जा रहा था, कलमा पढ़ा कर देखा जा रहा था। 

पहलगाम जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले में स्थित एक गांव है, जहां असीम शांति है और बहुत खूबसूरती...

यह अमरनाथ यात्रा पर जाने के लिए एक पड़ाव भी है। 

क्यों इस तरह से हिन्दू पर्यटकों को घेर कर मौत के घाट उतार दिया गया? 

क्या अभी भी कश्मीर आतंकी साये में है? क्या अभी भी वहां जाना असुरक्षित है?

एक बार फिर, इस तरह के बहुत से सवालों से घिर गई है कश्मीर की खूबसूरत वादियां...

साथ ही यह भी पता चला है कि आतंकी भारतीय सेना की dress में आए थे। जिससे Indian tourist नहीं समझ पा रहे थे कि उनके पास खड़ा इंसान उनका रक्षक है या दुश्मन...

एक बात है कि जबसे कश्मीर में पर्यटकों की संख्या बढ़ी थी, कश्मीर के आम नागरिकों का जीवन भी सुचारू रूप से चलने लगा था।

क्योंकि वहां पर रहने वाले बहुत से लोगों की रोजी-रोटी का साधन है पर्यटन...

फिर इस तरह के हमले क्या उन पर effect नहीं डालेंगे?

क्या इस हमले से केवल हिन्दू ही मारे गए? क्या सामान्य जनजीवन प्रभावित नहीं हुआ?

कश्मीर में mainly मुस्लिम लोग ही हैं, और इस हमले से उन सभी के सामान्य जनजीवन अवश्य प्रभावित हुए होंगे...

फिर क्यों सब तहस-नहस किया गया...

क्या उरी और पुलवामा की तरह मुंहतोड़

जवाब दिया जाएगा?

क्या इंसाफ़ मिलेगा, उन सैलानियों को?

और कब तक? 

अब नम आंखों से सबकी निगाहें, भारत सरकार पर केंद्रित हो गई है कि क्या फैसला लिया जाएगा?...